वाराणसी
काशी में मेहरबान हुआ मानसून, लगातार बारिश से लुढ़का पारा
प्रदेश का दूसरा सबसे ठंडा जिला बना वाराणसी, तीन दिनों में 60 मिमी बारिश
वाराणसी। काशी में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। लगातार दूसरे दिन हुई रुक-रुककर बारिश से मौसम का मिजाज बदल गया है। झमाझम बारिश के चलते लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली है, वहीं तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार को अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिससे वाराणसी उत्तर प्रदेश का दूसरा सबसे कम अधिकतम तापमान वाला जिला बन गया।
सामान्य से नीचे पहुंचा तापमान, नमी 95 प्रतिशत से अधिक
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, दिनभर बादलों की आवाजाही और बीच-बीच में हुई बारिश के कारण अधिकतम तापमान सामान्य से 3.3 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान 25.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.7 डिग्री कम है। हवा में 95 प्रतिशत से अधिक नमी रहने से पूरे दिन मौसम सुहावना बना रहा।

तीन दिनों में करीब 60 मिमी वर्षा, कई इलाकों में जलभराव
पिछले तीन दिनों में शहर में करीब 60 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। लगातार बारिश के चलते लंका, अस्सी, दुर्गाकुंड, रविन्द्रपुरी, महमूरगंज सहित कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। कई प्रमुख सड़कों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित रहा और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।

10 जुलाई से और सक्रिय होगा मानसून
मौसम वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह के अनुसार, मध्य प्रदेश के आसपास बने निम्न दबाव क्षेत्र और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के कारण पूर्वी उत्तर प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां तेज हुई हैं। उन्होंने बताया कि 10 जुलाई से काशी समेत पूरे पूर्वांचल में मानसून और अधिक सक्रिय होने की संभावना है। इस दौरान कई स्थानों पर हल्की से मध्यम तथा कहीं-कहीं अच्छी बारिश हो सकती है।
किसानों को राहत, जलनिकासी व्यवस्था पर उठे सवाल
लगातार हो रही बारिश से धान की रोपाई कर रहे किसानों को बड़ी राहत मिली है। पर्याप्त नमी मिलने से खेती-किसानी के कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है। वहीं दूसरी ओर, बारिश ने नगर निगम की जलनिकासी व्यवस्था की भी पोल खोल दी। कई प्रमुख चौराहों और कॉलोनियों में घंटों तक पानी जमा रहा। स्थानीय लोगों ने आगामी दिनों में संभावित भारी बारिश को देखते हुए जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।
