भदोही
डीएम शैलेष कुमार सख्त, बोले- शिकायतों का निस्तारण कागजों पर नहीं धरातल पर हो
अधिकारियों को दिए मौके पर पहुंचकर निष्पक्ष समाधान के निर्देश, लेखपालों की ग्राम सचिवालयों में उपस्थिति का रोस्टर जारी करने को कहा
फार्मर आईडी से वंचित न रहें पात्र किसान, विशेष शिविरों के जरिए शत-प्रतिशत पंजीकरण कराने के निर्देश
भदोही। जनसामान्य की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान को लेकर जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित जनसुनवाई कक्ष में जनता दर्शन कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंचे ग्रामीण और शहरी फरियादियों की समस्याएं सुनते हुए डीएम ने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में राजस्व, पुलिस, विकास, विद्युत, कृषि, सामाजिक सुरक्षा, भूमि विवाद समेत विभिन्न विभागों से जुड़े मामले सामने आए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर दोनों पक्षों से बातचीत कर तथ्यों की जांच करें और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि जिन मामलों का समाधान आपसी सहमति और संवाद से संभव है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए। वहीं जटिल और बहु-विभागीय मामलों के लिए टीम गठित कर समय सीमा के भीतर कार्रवाई पूरी की जाए।
ग्राम सचिवालयों में बैठेंगे लेखपाल, ग्रामीणों को नहीं लगाने पड़ेंगे तहसील के चक्कर
जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्राम स्तर पर ही अधिक से अधिक समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने के लिए लेखपालों की ग्राम सचिवालयों में नियमित उपस्थिति का रोस्टर तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि लेखपाल निर्धारित तिथि पर ग्राम सचिवालय में बैठकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनें और स्थानीय स्तर पर उनका समाधान कराएं।
पात्र किसानों की जल्द बने फार्मर आईडी
डीएम ने किसान हितैषी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए सभी पात्र किसानों की फार्मर आईडी शीघ्र बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने उप जिलाधिकारियों, लेखपालों, कानूनगो और कृषि विभाग के अधिकारियों को विशेष शिविरों के माध्यम से शत-प्रतिशत पंजीकरण कराने को कहा।
उन्होंने किसानों से अपील की कि जिनकी फार्मर आईडी अभी तक नहीं बनी है, वे नजदीकी शिविर या संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर जल्द पंजीकरण कराएं, जिससे भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी न हो।
फीडबैक से होगी शिकायत निस्तारण की गुणवत्ता की जांच
जिलाधिकारी ने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य सिर्फ शिकायतें लेना नहीं, बल्कि शिकायतकर्ताओं को वास्तविक राहत पहुंचाना है। इसके लिए निस्तारण के बाद शिकायतकर्ताओं से फोन के माध्यम से फीडबैक लिया जा रहा है। यदि कोई फरियादी निस्तारण से संतुष्ट नहीं है तो मामले की दोबारा समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनशिकायतों के निस्तारण में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखें, ताकि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को समय पर न्याय और राहत मिल सके।
