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गोरखपुर

13 दिन से लापता कक्षा नौ के छात्र प्रिंस का नहीं मिला सुराग

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राप्ती नदी में डूबने के बाद तलाश जारी, परिजनों ने प्रेस वार्ता कर मुख्यमंत्री से लगाई न्याय की गुहार

एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएसी और गोताखोरों की टीम भी जुटी तलाश में, परिजनों ने दोस्तों पर जताई अनहोनी की आशंका

गोरखपुर। राप्ती नदी में डूबने के बाद पिछले 13 दिनों से लापता कक्षा नौ के छात्र प्रिंस निषाद का अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। बेटे के लापता होने से परेशान परिजनों ने गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और प्रिंस की जल्द तलाश की मांग की। परिजनों ने मुख्यमंत्री के जनता दरबार में भी पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है।

दो दोस्तों के साथ नदी किनारे गया था प्रिंस

परिजनों के अनुसार, महात्मा गांधी इंटर कॉलेज में कक्षा नौ में पढ़ने वाला प्रिंस निषाद करीब 13 दिन पहले अपने दो दोस्तों शाहिल और संतोष के साथ राप्ती नदी के किनारे नहाने गया था। कुछ देर बाद परिवार को प्रिंस के नदी में डूबने की सूचना मिली। इसके बाद उसकी तलाश शुरू की गई।

एनडीआरएफ और एसडीआरएफ ने चलाया अभियान

प्रिंस की तलाश में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएसी और स्थानीय गोताखोरों को लगाया गया। नदी में लगातार तलाश अभियान चलाया गया, लेकिन 13 दिन बीतने के बाद भी छात्र का कोई पता नहीं चल सका है। इससे परिवार की चिंता और बढ़ गई है।

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परिजनों ने जताई अनहोनी की आशंका

प्रेस वार्ता के दौरान प्रिंस के चाचा प्रेम कुमार निषाद ने आरोप लगाया कि घटना वाले दिन शाहिल और संतोष ही प्रिंस को घर से लेकर गए थे। उन्होंने आशंका जताई कि प्रिंस के साथ कोई अनहोनी हुई हो सकती है और उसके शव को छिपाया गया हो। परिजनों ने पुलिस से मामले की गहन जांच कर सभी पहलुओं की पड़ताल करने की मांग की है।

परिजनों ने शाहिल के बाबा पर जिला अस्पताल की दवाएं बेचने का आरोप भी लगाया है। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

मुख्यमंत्री ने एसएसपी को दिए कार्रवाई के निर्देश

परिजनों ने मुख्यमंत्री के जनता दरबार में पहुंचकर मामले में न्याय की मांग की। परिजनों के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने मामले में एसएसपी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। परिवार की मांग है कि प्रिंस को जल्द से जल्द तलाशा जाए और घटना की पूरी सच्चाई सामने लाई जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके।

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