गोरखपुर
100 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ी 9वीं की छात्रा, महिला दरोगा ने बचाई जान
मां की डांट से नाराज होकर आत्महत्या की कोशिश, करीब तीन घंटे तक छात्रा को समझाते रहे पुलिसकर्मी
पकड़ने के बाद छात्रा ने लगाई छलांग, महिला दरोगा ने हाथ और कपड़े से थामे रखा; 20 मिनट बाद सुरक्षित उतारी गई
गोरखपुर। महादेव झारखंडी कॉलोनी में रविवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब 15 वर्षीय कक्षा नौ की छात्रा आत्महत्या की नीयत से करीब 100 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गई। छात्रा करीब तीन घंटे तक टंकी से पैर लटकाकर बैठी रही। सूचना पर पहुंची पुलिस और परिजन उसे नीचे उतरने के लिए समझाते रहे, लेकिन वह तैयार नहीं हुई।
बॉयफ्रेंड से बात करने पर मां ने डांटा था
बताया गया कि आवास विकास शिवपुर निवासी छात्रा अपने घर से करीब 500 मीटर दूर स्थित पानी की टंकी पर पहुंच गई थी। परिजनों के अनुसार, छात्रा अपने बॉयफ्रेंड से बातचीत करती थी। रविवार को मां ने उसे लड़के से बातचीत करने से मना किया और डांट दिया। इससे नाराज होकर छात्रा घर से निकल गई और पानी की टंकी पर चढ़ गई।
तीन घंटे तक चलता रहा समझाने का प्रयास
छात्रा को टंकी पर बैठा देखकर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर एम्स पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों और परिजनों ने काफी देर तक बातचीत कर उसे नीचे उतरने के लिए समझाया, लेकिन छात्रा अपनी जिद पर अड़ी रही।

महिला दरोगा ने जोखिम उठाकर बचाई जान
स्थिति को देखते हुए एम्स चौकी में तैनात महिला दरोगा जागृति खरवार ने छात्रा को सुरक्षित नीचे उतारने की जिम्मेदारी संभाली। वह बातचीत करते हुए धीरे-धीरे टंकी पर पहुंचीं और छात्रा को विश्वास में लेकर उसके करीब पहुंच गईं। मौका मिलते ही उन्होंने छात्रा को पीछे से पकड़ लिया।
पकड़े जाने के बाद छात्रा ने नीचे की ओर छलांग लगा दी। महिला दरोगा ने उसका हाथ और कपड़ा मजबूती से पकड़ लिया। इसके चलते छात्रा नीचे गिरने से बच गई और करीब 20 मिनट तक हवा में लटकी रही। इसी बीच अन्य पुलिसकर्मी ऊपर पहुंचे और छात्रा को सुरक्षित खींचकर टंकी पर ले आए।
एम्स में कराया गया भर्ती, काउंसलिंग जारी
पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों की मदद से छात्रा को नीचे उतारकर एम्स में भर्ती कराया गया। एम्स थाना प्रभारी महेंद्र कुमार पांडेय के अनुसार, छात्रा की हालत पर नजर रखी जा रही है और उसकी काउंसलिंग भी कराई जा रही है। महिला दरोगा की तत्परता और साहस से छात्रा की जान बच सकी।
