गोरखपुर
श्रावण में शिव पूजन से दूर होते हैं सारे दुख : आचार्य विनोद
पृथ्वीनाथ शिव मंदिर में चल रही शिव महापुराण कथा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
रुद्राभिषेक से सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ति का बताया महत्व
गोलाबाजार (गोरखपुर)। गोला ब्लॉक के देवकली (कुड़वाआम) गांव स्थित पृथ्वीनाथ शिव मंदिर परिसर में चल रही शिव महापुराण कथा में शनिवार को अयोध्या से आए प्रसिद्ध कथा वाचक आचार्य विनोद जी महाराज ने भगवान शिव की महिमा का वर्णन किया। कथा सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
व्यास पीठ से कथा का रसपान कराते हुए आचार्य विनोद ने कहा कि भगवान शिव सर्वसमर्थ हैं। उनकी आराधना से मनुष्य के पापों का क्षय होता है और मुक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने कहा कि शास्त्रों में श्रावण मास में शिवलिंग पर दूध की धारा से अभिषेक करना मनोरथ पूर्ति और दुख-कष्ट से मुक्ति के लिए उत्तम माना गया है।
रुद्राभिषेक का बताया विशेष महत्व
आचार्य विनोद ने कहा कि शिव वेद स्वरूप हैं और सनातन संस्कृति में वेदों को अनादि एवं अपौरुषेय माना गया है। शिव को रुद्र भी कहा जाता है, क्योंकि रुद्र दुखों का विनाश करने वाले हैं। उन्होंने रुद्राभिषेक के महत्व को बताते हुए कहा कि श्रद्धा और विधि-विधान से की गई शिव आराधना से सुख, स्वास्थ्य, धन-धान्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
आरती के साथ हुआ कथा का शुभारंभ
कथा का शुभारंभ ई. कृष्ण गोपाल दुबे ने व्यास पीठ की आरती कर किया। इस अवसर पर अस्सी संगम दुबे, अमरचंद दुबे, भवानी प्रसाद दुबे, डॉ. धरणीधर दुबे, विजय दुबे, श्यामदेव यादव, दयाशंकर दुबे, अशोक दीक्षित, राघवेंद्र दुबे और यमुना सिंह समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
