वाराणसी
वित्तविहीन शिक्षक दल समर्थित प्रत्याशियों का नहीं करेंगे समर्थन
वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से अपने बीच के शिक्षक को प्रत्याशी बनाने का निर्णय
वाराणसी। उत्तर प्रदेश वित्तविहीन शिक्षक महासभा की ओर से शनिवार को शिवपुर स्थित लक्ष्मी वाटिका में वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आठ जनपदों के शिक्षकों की बैठक आयोजित की गई। प्रदेश अध्यक्ष बाबू आरपी सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में आगामी विधान परिषद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर संगठन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया।

बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि वित्तविहीन शिक्षक किसी राजनीतिक दल समर्थित प्रत्याशी का समर्थन नहीं करेंगे। महासभा आगामी चुनाव में अपने बीच के किसी वित्तविहीन शिक्षक को प्रत्याशी बनाकर चुनाव मैदान में उतारेगी। प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित किया गया।

प्रदेश अध्यक्ष आरपी सिंह, प्रधान महासचिव जियारत हुसैन सहित प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य, आठों जनपदों के जिलाध्यक्ष, महासचिव और बड़ी संख्या में शिक्षक बैठक में शामिल हुए। वक्ताओं ने कहा कि वित्तविहीन शिक्षकों के हित, मानदेय और अन्य समस्याओं को लेकर लंबे समय से आश्वासन दिए जाते रहे हैं। संगठन ने आरोप लगाया कि भाजपा और सपा सहित प्रमुख राजनीतिक दलों ने वित्तविहीन शिक्षकों के हितों के अनुरूप अपेक्षित सहयोग नहीं किया। इसी के चलते संगठन ने अपने बीच से प्रत्याशी उतारने का निर्णय लिया है।

वक्ताओं ने कहा कि वित्तविहीन शिक्षक अपने अधिकार और सम्मान की लड़ाई स्वयं लड़ेंगे। आगामी चुनाव में संगठन की एकजुटता के माध्यम से सरकार और विपक्ष दोनों तक अपनी मांगें पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

बैठक में आलोक मिश्रा, धनंजय उपाध्याय, राजेश, अश्वनी कुमार सिंह, ललित मोहन पांडेय, शिशुपाल सिंह यादव, ओमप्रकाश, अरविंद कुमार यादव, विश्वनाथ सोनकर, आलोक रंजन मिश्रा, कैलाश नाथ यादव, अमर बहादुर यादव, रमाशंकर पाल और शशिधर चौबे सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे। चंदौली से सदानंद शर्मा, बलिया से दिनेश कुमार सिंह, सोनभद्र से इरशाद अहमद, भदोही से इंद्र बहादुर सिंह व कमलेश बिंद तथा वाराणसी से सतीश कुमार वर्मा ने विचार व्यक्त किए।
