गोरखपुर
शिवकुमार त्रिपाठी हत्याकांड में चार आरोपी गिरफ्तार, तलवार बरामद
सिकरीगंज के अहिरौली में पुरानी रंजिश को लेकर हत्या का आरोप, पुलिस ने चारों को भेजा जेल
गोरखपुर। सिकरीगंज थाना क्षेत्र के अहिरौली खुर्द गांव में शिवकुमार त्रिपाठी की हत्या के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों पर पुरानी रंजिश के चलते शिवकुमार का अपहरण कर हत्या करने और धमकी देने का आरोप है। गिरफ्तार आरोपियों में एक के पास से तलवार भी बरामद की गई है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
ब्रह्मभोज में बुलाकर ले जाने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, मामले में आरोप है कि पुरानी रंजिश को लेकर अभियुक्तों ने वादी के भाई शिवकुमार त्रिपाठी को ब्रह्मभोज में भोजन करने के बहाने बुलाया। इसके बाद कथित रूप से उसे मसी विद्यालय के पीछे ले जाया गया, जहां धारदार हथियार से हमला कर उसकी हत्या कर दी गई। आरोपियों पर असलहा लहराते हुए जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है।
मुखबिर की सूचना पर हुई गिरफ्तारी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक दक्षिणी दिनेश कुमार पुरी व क्षेत्राधिकारी खजनी दीपांशी राठौर के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में जुटी थी। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर प्रभारी निरीक्षक अंजुल कुमार चतुर्वेदी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
ये आरोपी हुए गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में आशुतोष चौधरी (18) पुत्र प्रमोद चौधरी, विन्दनिवास चौधरी (44) पुत्र स्वर्गीय छेदी चौधरी तथा प्रकाश में आए आरोपी राहुल चौधरी (31) और भानू चौधरी (37) सभी निवासी अहिरौली खुर्द, थाना सिकरीगंज, गोरखपुर शामिल हैं।
तलवार बरामद, आर्म्स एक्ट की धारा बढ़ी
पुलिस ने बताया कि आरोपी आशुतोष चौधरी के कब्जे से एक तलवार बरामद हुई है। मामले में पहले से दर्ज मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ आशुतोष के विरुद्ध आर्म्स एक्ट की धारा 4/25 भी बढ़ाई गई है। पुलिस आरोपियों के अन्य आपराधिक इतिहास की भी जानकारी जुटा रही है।
पुलिस टीम ने की कार्रवाई
गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक अंजुल कुमार चतुर्वेदी, उपनिरीक्षक बैजनाथ बिंद, उपनिरीक्षक दीपक कुमार, उपनिरीक्षक रामफेरन, हेड कांस्टेबल राजेश कुमार आर्य, कांस्टेबल उपेंद्र सिंह यादव, रघुबर बिंद, ऋषि कुमार, बृजेश यादव और कुलधन सिंह यादव शामिल रहे। पुलिस के अनुसार मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
