गाजीपुर
शारदा सहायक नहर में पानी न आने से किसानों में आक्रोश
धान की रोपाई पर संकट, पांच दर्जन गांवों के किसानों ने डीएम से की नहर में जल्द पानी छोड़ने और सफाई की जांच की मांग
बहरियाबाद (गाजीपुर)। शारदा सहायक नहर (राजबाहा ठेकमा) में समय पर पानी नहीं छोड़े जाने और नहर की अधूरी सफाई से क्षेत्र के किसानों में भारी नाराजगी है। नहर के सूखे रहने से करीब पांच दर्जन गांवों के किसानों की धान की रोपाई प्रभावित हो रही है।
आजमगढ़ से निकलकर परमानपुर, गदाईपुर, पलिवार, रायपुर, बघांव, सलेमपुर बघाई, मीरपुर और ओड़ासान होते हुए बेसो नदी में मिलने वाली इस नहर से हर वर्ष बड़ी संख्या में किसानों की सिंचाई होती है। किसानों का आरोप है कि इस बार समय पर पानी नहीं छोड़ा गया, जबकि सफाई कार्य भी अधूरा छोड़ दिया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि नहर की सफाई के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई जाती है। जेसीबी मशीन से घास-फूस हटाने का कार्य तो किया जाता है, लेकिन नहर की गहराई और चौड़ाई के अनुसार समुचित सफाई नहीं होने से पानी आगे तक नहीं पहुंच पाता। किसानों का दावा है कि विभाग पानी छोड़ने को तैयार है, लेकिन अधूरी सफाई के कारण नहर में जल प्रवाह बाधित हो रहा है।
बारिश की कमी के बीच सिंचाई का मुख्य सहारा नहर होने के बावजूद पानी नहीं मिलने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। उन्होंने नहर की सफाई में खर्च हुए सरकारी धन की जांच कराने तथा ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की मांग की है।
किसानों ने जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला से नहर का स्थलीय निरीक्षण कराकर अधूरी सफाई तत्काल पूरी कराने और जल्द पानी छोड़ने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते सिंचाई की व्यवस्था नहीं हुई तो धान की फसल पर गंभीर असर पड़ सकता है।
