प्रयागराज
हिंदी ज्ञान, संस्कृति और संवेदना को जोड़ने वाली सशक्त कड़ी : डॉ. विवेक पांडेय
हण्डिया पीजी कॉलेज में हिंदी दिवस पर कार्यक्रम, अध्ययन-अध्यापन और दैनिक व्यवहार में हिंदी के प्रयोग का आह्वान
हण्डिया (प्रयागराज)। हण्डिया पीजी कॉलेज में सोमवार को हिंदी दिवस के अवसर पर हिंदी भाषा एवं साहित्य की समृद्ध परंपरा, वर्तमान प्रासंगिकता और भविष्य की संभावनाओं पर केंद्रित कार्यक्रम आयोजित किया गया। अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. विवेक पांडेय ने की।
निरंतर प्रयोग से होगा हिंदी का सम्मान
डॉ. विवेक पांडेय ने कहा कि हिंदी भारतीय ज्ञान, संस्कृति, संवेदना और सामाजिक एकता को जोड़ने वाली सशक्त कड़ी है। हिंदी का सम्मान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि अध्ययन-अध्यापन, शोध, प्रशासन और दैनिक व्यवहार में इसके निरंतर प्रयोग से होना चाहिए।
तकनीकी युग में बढ़ेंगी संभावनाएं
हिंदी विभाग के प्रो. डॉ. नीरज कुमार सिंह और डॉ. प्रद्युम्न सिंह ने हिंदी की विकास यात्रा, साहित्यिक वैभव और समकालीन उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वैश्वीकरण और तकनीकी युग में हिंदी के सामने चुनौतियां हैं, लेकिन संभावनाएं भी व्यापक हैं। हिंदी को उच्च शिक्षा, शोध, विज्ञान, तकनीक, डिजिटल माध्यम और रोजगार से जोड़कर नई पीढ़ी के लिए अधिक उपयोगी बनाया जा सकता है।
मौलिक लेखन के लिए किया प्रेरित
आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. शैलेंद्र कुमार यादव ने हिंदी के अकादमिक एवं शोधपरक महत्व को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को मौलिक लेखन, अध्ययन और शोध के लिए प्रेरित किया।
हिंदी के प्रयोग का लिया संकल्प
कार्यक्रम में डॉ. सोमेश नारायण सिंह, डॉ. रवीन्द्र कुमार सिंह, डॉ. रमेश कुमार सिंह, डॉ. शिव शंकर, डॉ. सत्येंद्र कुमार सिंह और डॉ. दीपक कुमार सिंह समेत शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। अंत में हिंदी के अध्ययन, अध्यापन, शोध, लेखन और दैनिक व्यवहार में अधिकाधिक प्रयोग तथा भाषा के प्रचार-प्रसार एवं संवर्धन का संकल्प लिया गया।
