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प्रयागराज

संकुलधारा पोखरा में मर रहीं हजारों मछलियां, प्रशासन की उदासीनता पर लोगों में आक्रोश

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महीनों से जारी है जलीय जीवों की मौत का सिलसिला, दुर्गंध और प्रदूषण से परेशान क्षेत्रवासी

समाजसेवी ने प्रधानमंत्री जनसंपर्क कार्यालय में भेजी शिकायत, जल की वैज्ञानिक जांच की मांग

वाराणसी। भेलूपुर थाना क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक एवं पौराणिक संकुलधारा पोखरा में पिछले कई महीनों से लगातार मछलियों के मरने का सिलसिला जारी है। बड़ी संख्या में मछलियों की मौत से तालाब का वातावरण दूषित हो रहा है, वहीं स्थानीय लोगों और समाजसेवियों में भी गहरी चिंता और आक्रोश व्याप्त है।

स्थनीय नागरिकों के अनुसार तालाब में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मछलियां मृत अवस्था में पानी की सतह पर तैरती नजर आ रही हैं। सफाईकर्मी मृत मछलियों को निकालकर बाहर कर देते हैं, लेकिन इसके बावजूद मछलियों की मौत रुक नहीं रही है। लोगों का दावा है कि अब तक हजारों मछलियां दम तोड़ चुकी हैं।

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क्षेत्रवासियों का कहना है कि मृत मछलियों के कारण तालाब में दुर्गंध फैल रही है और पानी की गुणवत्ता भी खराब होती जा रही है। उनका कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो अन्य जलीय जीवों और पर्यावरण पर भी इसका गंभीर असर पड़ सकता है।

समाजसेवी गुड्डू ने बताया कि उन्होंने कई बार तालाब की देखरेख करने वाली संस्था को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उनका आरोप है कि संस्था समस्या को गंभीरता से नहीं ले रही है।

उन्होंने बताया कि मामले को लेकर उन्होंने प्रधानमंत्री जनसंपर्क कार्यालय में भी लिखित शिकायत भेजी है, ताकि संबंधित विभागों का ध्यान इस ओर आकर्षित हो सके। इसके बावजूद अभी तक मछलियों की मौत का सिलसिला जारी है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभागों से मांग की है कि तालाब के पानी की वैज्ञानिक जांच कराई जाए, मछलियों की मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाए और जलाशय के संरक्षण के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं। लोगों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो यह ऐतिहासिक जलाशय गंभीर पर्यावरणीय संकट की ओर बढ़ सकता है।

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