गोरखपुर
ग्रीष्मावकाश के बाद 13 जुलाई से शुरू होंगी डीडीयू विश्वविद्यालय की विषम सेमेस्टर कक्षाएं
एक माह बाद फिर गुलजार होगा विश्वविद्यालय परिसर, समयबद्ध शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार होगा संचालन
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने विद्यार्थियों से नियमित उपस्थिति और अकादमिक उत्कृष्टता का किया आह्वान
गोरखपुर। लगभग एक माह के ग्रीष्मावकाश के बाद दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियां फिर से रफ्तार पकड़ने जा रही हैं। विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों में विषम सेमेस्टर (प्रथम सेमेस्टर को छोड़कर) की नियमित कक्षाओं का शुभारंभ 13 जुलाई से होगा। नए उत्साह, ऊर्जा और समयबद्ध शैक्षणिक कैलेंडर के साथ विश्वविद्यालय एक बार फिर अध्ययन, शोध और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ेगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने नए शैक्षणिक सत्र के संचालन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार स्नातक एवं परास्नातक स्तर की कक्षाओं का नियमित संचालन किया जाएगा। सभी विभागाध्यक्षों एवं शिक्षकों को समयबद्ध ढंग से शिक्षण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सत्र निर्धारित कैलेंडर के अनुरूप संचालित हो सके।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों से प्रथम दिवस से ही नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित रहने और अध्ययन-अध्यापन की प्रक्रिया में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की है। साथ ही सभी विभागों को आवश्यक शैक्षणिक एवं प्रयोगात्मक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा अनुशासित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षण वातावरण बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। ग्रीष्मावकाश के बाद नए उत्साह के साथ शैक्षणिक गतिविधियों का शुभारंभ किया जा रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित उपस्थिति, अनुशासन और अकादमिक उत्कृष्टता के प्रति समर्पित रहने का आह्वान करते हुए विश्वास जताया कि नया सत्र विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।
