वाराणसी
ट्रेन की चपेट में आने से बहन-भाई की मौत, शव छिपाने से मामला बना संदिग्ध
मवेशी बचाने के दौरान हुआ हादसा, पुलिस कार्रवाई के डर से परिजनों ने भूसा घर में रखा शव
तीन घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने शव लिया कब्जे में, हादसे के सभी पहलुओं की जांच जारी
मिर्जामुराद (वाराणसी)। मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के राजपुर गांव के समीप बुधवार देर शाम रेलवे ट्रैक पर हुए दर्दनाक हादसे में 19 वर्षीय युवती और उसके 17 वर्षीय भाई की मौत हो गई। मवेशियों को रेलवे ट्रैक से हटाने के दौरान युवती ट्रेन की चपेट में आ गई। उसे बचाने दौड़ा भाई भी हादसे का शिकार हो गया। घटना के बाद परिजनों द्वारा पुलिस कार्रवाई के भय से युवती का शव घर के भूसा घर में छिपा देने से मामला और भी संवेदनशील हो गया।
जानकारी के अनुसार, राजपुर गांव निवासी हीरा मणि पाल (19) बुधवार शाम रेलवे लाइन के किनारे बकरियां चरा रही थीं। इसी दौरान वाराणसी से प्रयागराज की ओर जा रही तेज रफ्तार ट्रेन वहां पहुंच गई। बकरियों को ट्रैक से हटाने के प्रयास में वह ट्रेन के काफी करीब पहुंच गईं। बहन को खतरे में देखकर उनका छोटा भाई टिंकू पाल (17) उन्हें बचाने के लिए दौड़ा, लेकिन दोनों ट्रेन की चपेट में आ गए।
हादसे में हीरा मणि की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल टिंकू पाल को परिजन तत्काल कछवा स्थित एक निजी अस्पताल ले गए। उपचार के दौरान उसकी भी मौत हो गई।
घटना के बाद परिजनों ने पुलिस कार्रवाई के डर से युवती के शव को घर के भूसा रखने वाले कमरे में छिपा दिया। सूचना मिलने पर मिर्जामुराद पुलिस और जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन घटनास्थल पर शव नहीं मिलने से मामला संदिग्ध हो गया। लगभग तीन घंटे की मशक्कत और समझाइश के बाद पुलिस ने शव को बरामद कर अपने कब्जे में लिया।
परिजनों ने बताया कि हीरा मणि ने दसवीं तक शिक्षा प्राप्त की थी और पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से अस्वस्थ थीं, जिनका उपचार चल रहा था। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।
स्थानीय लोगों के बयानों में विरोधाभास और शव छिपाने की घटना को देखते हुए पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। थाना प्रभारी गोपाल जी कुशवाहा ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है तथा दुर्घटना और उससे जुड़े अन्य तथ्यों की गहन जांच की जा रही है।
