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एमएमएमयूटी में “एआई-संचालित कंप्यूटिंग एवं साइबर सुरक्षा जागरूकता” विषयक दो सप्ताहीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ

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डिजिटल दक्षता और साइबर सुरक्षा को बढ़ावा देने की पहल

गोरखपुर। डिजिटल परिवर्तन और क्षमता निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) के कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग द्वारा “एआई-संचालित कंप्यूटिंग एवं साइबर सुरक्षा जागरूकता” विषय पर दो सप्ताहीय तकनीकी स्टाफ प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कुलपति प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।

दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ शुरुआत

प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष प्रो. राकेश कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इसके बाद अतिथियों और प्रतिभागियों का औपचारिक स्वागत किया गया।

60 प्रतिभागी ले रहे हैं प्रशिक्षण

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कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न शैक्षणिक एवं प्रशासनिक विभागों से कुल 60 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है। इनमें कंप्यूटर साइंस, सूचना प्रौद्योगिकी, कंप्यूटर अनुप्रयोग, रासायनिक एवं विद्युत अभियांत्रिकी, फार्मेसी, स्वास्थ्य केंद्र, लेखा अनुभाग, कुलसचिव कार्यालय समेत अन्य विभागों के कर्मचारी शामिल हैं।

एआई और आधुनिक तकनीकों का मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण

कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए समन्वयक संजय कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण पाठ्यक्रम को आधुनिक डिजिटल तकनीकों एवं एआई आधारित उपकरणों के व्यावहारिक उपयोग को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

प्रशिक्षण में फाइल एवं फोल्डर प्रबंधन, माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस अनुप्रयोग, इंटरनेट और ई-मेल संचार, एआई-आधारित उत्पादकता उपकरण, सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म, वर्चुअल मीटिंग तकनीक तथा आईगॉट कर्मयोगी पोर्टल से संबंधित सत्र शामिल हैं।

साइबर सुरक्षा और तकनीकी दक्षता पर विशेष जोर

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प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए प्रो. राकेश कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और साइबर सुरक्षा की भूमिका लगातार बढ़ रही है। तकनीकी दक्षता अब केवल अतिरिक्त योग्यता नहीं, बल्कि पेशेवर उत्कृष्टता की अनिवार्य आवश्यकता बन चुकी है।

उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान करते हुए कहा कि यह ज्ञान उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ-साथ विश्वविद्यालय के डिजिटल परिवर्तन अभियान को भी नई दिशा देगा।

दो सप्ताह तक चलेंगे विशेषज्ञ सत्र

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आगामी दो सप्ताह तक विशेषज्ञ व्याख्यानों, प्रदर्शन आधारित गतिविधियों, संवादात्मक चर्चाओं और व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से संचालित किया जाएगा। कार्यक्रम से प्रतिभागियों की डिजिटल उपकरणों के उपयोग में दक्षता बढ़ेगी और विश्वविद्यालय में नवाचार, सतत अधिगम तथा साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक कार्यसंस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।

तकनीकी रूप से सशक्त कार्यबल तैयार करने की दिशा में कदम

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कार्यक्रम के समन्वयक श्री मनीष कुमार गुप्ता, श्री संजय कुमार एवं डॉ. राजकुमार ने विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रशिक्षण प्रतिभागियों की डिजिटल क्षमताओं को मजबूत करेगा और तकनीकी रूप से दक्ष तथा भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार कार्यबल के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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