जौनपुर
शिक्षक अनुमोदन के लंबित मामलों में जल्द मिल सकती है राहत
उच्च शिक्षा मंत्री से मिले प्रबंधक महासंघ के प्रतिनिधि, प्रक्रिया तेज करने के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने का निर्णय
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से संबद्ध स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों में लंबे समय से लंबित शिक्षक अनुमोदन (टीचर अप्रूवल) के मामलों के समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल हुई है। इस संबंध में स्ववित्तपोषित पूर्वांचल विश्वविद्यालय प्रबंधक महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया और ज्ञापन सौंपा।
शिक्षक अनुमोदन में देरी का उठाया मुद्दा
महासंघ के अध्यक्ष डॉ. दिनेश तिवारी ने ज्ञापन के माध्यम से शिक्षक अनुमोदन की लंबित प्रक्रिया, महाविद्यालयों के प्रशासनिक कार्यों में आ रही बाधाओं तथा अन्य शैक्षणिक समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि अनुमोदन में देरी के कारण कई महाविद्यालयों और शिक्षकों को लंबे समय से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रक्रिया तेज करने के दिए निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च शिक्षा मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षक अनुमोदन प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए दो विशेषज्ञों की समिति गठित करने का निर्णय लिया तथा उच्च शिक्षा विभाग के अनुभाग-2 को संबंधित प्रस्ताव शीघ्र मंत्री कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
महाविद्यालयों को राहत मिलने की उम्मीद
सरकार की इस पहल से पूर्वांचल विश्वविद्यालय से संबद्ध स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों में लंबित शिक्षक अनुमोदन मामलों के जल्द निस्तारण की उम्मीद बढ़ गई है। महाविद्यालय प्रबंधन का मानना है कि इससे शिक्षकों की प्रशासनिक और शैक्षणिक समस्याओं का समाधान होगा तथा संस्थानों का संचालन अधिक सुचारु रूप से हो सकेगा।
महासंघ ने जताया आभार
स्ववित्तपोषित पूर्वांचल विश्वविद्यालय प्रबंधक महासंघ के अध्यक्ष डॉ. दिनेश तिवारी ने इस पहल का स्वागत करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री और प्रदेश सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार के सकारात्मक हस्तक्षेप से शिक्षक अनुमोदन की प्रक्रिया में तेजी आएगी और इसका लाभ प्रदेश के सभी स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों को मिलेगा।
