वाराणसी
काशी को मांस-मदिरा मुक्त बनाने की मांग तेज, संस्थाओं ने प्रयासों को बताया ऐतिहासिक
वाराणसी। सनातन संस्कृति की प्राण और देश की सांस्कृतिक राजधानी काशी (वाराणसी) को उसके मूल स्वरूप और आध्यात्मिक ऊर्जा में लौटाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल तेज हो गई है। अन्य पवित्र तीर्थ स्थलों की तर्ज पर काशी में भी मांस और मदिरा की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग अब निर्णायक दौर में पहुंचती दिख रही है।
इस संबंध में ‘आगमन संस्था’ और ‘ब्रह्म सेना’ द्वारा पिछले पांच वर्षों से चलाए जा रहे “अभियान पवित्र काशी” के प्रयासों का प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। इन संस्थाओं के अनुसार वाराणसी नगर निगम ने पूर्व की कार्ययोजना को आगे बढ़ाते हुए मांस-मछली की दुकानों को शहर की सीमा से बाहर करने की दिशा में एक बार फिर दृढ़ संकल्प व्यक्त किया है।
संस्थाओं ने इस पहल के लिए नगर निगम के महापौर, पार्षदों और प्रशासनिक अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि काशी जैसे पावन धार्मिक नगर में मांस और मदिरा की खुलेआम बिक्री न केवल अनुचित है, बल्कि यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को भी आहत करती है।
संस्थाओं द्वारा बताया गया कि पिछले पांच वर्षों में इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने और सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिनके सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे हैं।
