गोरखपुर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ: कृषि, उद्योग और जनकल्याण योजनाओं पर व्यापक बयान
गोरखपुर में खरीफ उत्पादकता संगोष्ठी-2026 का शुभारंभ
किसानों के जीवन में सुधार और कृषि विकास पर जोर
गोरखपुर | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में कृषि क्षेत्र में हुए व्यापक सुधारों का सकारात्मक प्रभाव किसानों के जीवन पर पड़ा है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश की कृषि विकास दर 8 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत तक पहुंची है। किसानों की मेहनत और सरकार की किसान हितैषी नीतियों से प्रदेश समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश की सबसे उपजाऊ और सर्वाधिक सिंचित भूमि वाला राज्य है, जहां किसान रबी, खरीफ और जायद तीनों फसलें उगाते हैं।
कृषि संकट और सरकार की नीतियां
मुख्यमंत्री ने 2005 से 2014 के बीच किसानों की समस्याओं और आत्महत्याओं का उल्लेख करते हुए बताया कि उस समय गुणवत्तापूर्ण बीजों की कमी, उचित मूल्य न मिलना और प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा का अभाव प्रमुख कारण थे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, कृषि सिंचाई योजना और मृदा स्वास्थ्य कार्ड जैसी योजनाओं ने किसानों को नई ताकत दी है। साथ ही, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि ने किसानों को आर्थिक संबल प्रदान किया है।

सिंचाई और उत्पादन में बढ़ोतरी
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि बाणसागर, सरयू नहर और बुंदेलखंड परियोजनाओं के माध्यम से 24 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई गई है। निजी नलकूपों पर मुफ्त बिजली दी जा रही है, जिस पर सरकार हर वर्ष लगभग 3000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है।
उत्तर प्रदेश अब खाद्यान्न, आलू, सब्जी, दूध, चीनी और एथेनॉल उत्पादन में देश में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
किसानों के लिए योजनाएं और तकनीक
मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक खेती, फसल विविधीकरण और सहफसली खेती अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि नई तकनीक और वैज्ञानिक पद्धतियों से किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि दुर्घटना की स्थिति में 24 घंटे के भीतर 5 लाख रुपये तक की सहायता दी जाती है।
औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन
मुख्यमंत्री ने गीडा में पूर्वांचल के पहले फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में सुरक्षित और निवेश-अनुकूल वातावरण बनने से युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिल रहा है।
42.50 करोड़ रुपये की लागत से बने इस कॉम्प्लेक्स में 100 से अधिक औद्योगिक इकाइयां संचालित हो सकेंगी।
युवाओं के लिए रोजगार और निवेश
उन्होंने बताया कि पिछले नौ वर्षों में गीडा में हजारों करोड़ रुपये का निवेश आया है और 50 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है। धुरियापार क्षेत्र में बायो फ्यूल जैसी नई औद्योगिक गतिविधियां शुरू हुई हैं।
भूमि विवाद और शिकायतों पर कार्रवाई
जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने भूमि संबंधी शिकायतों पर सख्त रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाए, यहां तक कि निलंबन भी सुनिश्चित किया जाए।

आम जनता की समस्याओं का समाधान
मुख्यमंत्री ने करीब 150 लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी मामलों का समयबद्ध और निष्पक्ष निस्तारण किया जाए।
उन्होंने जरूरतमंदों के लिए आयुष्मान कार्ड बनवाने और गंभीर मामलों में विवेकाधीन कोष से आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए।
गोसेवा और बच्चों से संवाद
गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने गोशाला में गोसेवा की और गोवंश को गुड़-रोटी खिलाई। उन्होंने बच्चों से मुलाकात कर उन्हें चॉकलेट दी और पढ़ाई के लिए प्रेरित किया।
