गोरखपुर
80 करोड़ रुपये के म्युनिसिपल बॉन्ड की दिशा में नगर निगम ने बढ़ाए कदम
वित्तीय और कानूनी जांच का पहला चरण पूरा, अगले सप्ताह पहुंचेगी दूसरी एक्सपर्ट कमेटी
गोरखपुर। गोरखपुर नगर निगम (एनएनजी) ने 80 करोड़ रुपये के म्युनिसिपल बॉन्ड जारी करने की दिशा में प्रक्रिया तेज कर दी है। उत्तर प्रदेश कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद नगर निगम की वित्तीय, कानूनी और प्रशासनिक स्थिति का आकलन करने पहुंची विशेषज्ञ समिति ने अपना कार्य पूरा कर लिया है। अब समिति अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी। इसके साथ ही बॉन्ड जारी करने की आर्थिक और विधिक जांच का पहला चरण पूरा हो गया है।
नगर निगम के अनुसार, अगले सप्ताह दूसरी एक्सपर्ट कमेटी गोरखपुर पहुंचकर प्रक्रिया के अगले चरण की समीक्षा करेगी। पहली टीम में शामिल मर्चेंट बैंकर और लॉ फर्म के प्रतिनिधियों ने नगर निगम की आय-व्यय, राजस्व स्रोत, वित्तीय प्रबंधन, विकास परियोजनाओं, परिसंपत्तियों, कानूनी दायित्वों और नागरिक सेवाओं से जुड़े अभिलेखों का विस्तृत परीक्षण किया।
विकास योजनाओं और डिजिटल सेवाओं की भी हुई समीक्षा
मर्चेंट बैंकर के प्रतिनिधि निखिल कोष्टे ने नगर निगम की प्रमुख विकास योजनाओं, निर्माणाधीन परियोजनाओं, संपत्ति कर संग्रह, बजट प्रबंधन, ऑनलाइन जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र प्रणाली, डिजिटल सेवाओं, नए नगर निगम भवन के निर्माण तथा पुराने भवन से नए भवन में प्रस्तावित स्थानांतरण की तैयारियों की जानकारी ली। इसके अलावा पिछले एक वर्ष के दौरान हुए प्रशासनिक बदलावों और अधिकारियों के कार्यभार परिवर्तन का भी ब्यौरा जुटाया गया।
वहीं, लॉ फर्म की प्रतिनिधि मेघना सिंह ने नगर निगम की परिसंपत्तियों, न्यायालयों में लंबित मामलों, संभावित वित्तीय दायित्वों तथा अन्य कानूनी पहलुओं की समीक्षा की। टीम ने संबंधित विभागों से आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर उनका दस्तावेजीकरण भी शुरू कर दिया है।
तीन वर्षों की ऑडिटेड बैलेंस शीट सौंपी
नगर निगम प्रशासन ने मर्चेंट बैंकर को पिछले तीन वित्तीय वर्षों की ऑडिटेड बैलेंस शीट उपलब्ध करा दी है। किसी भी म्युनिसिपल बॉन्ड के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेज माना जाता है, जिसके आधार पर नगर निगम की वित्तीय साख, राजस्व क्षमता और ऋण चुकाने की योग्यता का आकलन किया जाता है।
रिपोर्ट में यदि किसी स्तर पर सुधार या नियमों के अनुपालन की आवश्यकता सामने आती है तो विशेषज्ञ समिति नगर निगम को आवश्यक सुझाव भी देगी। इसके बाद म्युनिसिपल बॉन्ड जारी करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
