गाजीपुर
बरसात में बिजली के पोल, तार और ट्रांसफार्मर से रहें दूर: डीएम अनुपम शुक्ला
विद्युत दुर्घटनाओं से बचाव के लिए कंट्रोल रूम सक्रिय, 24×7 हेल्पलाइन 9453047253 जारी; लापरवाही पर होगी कार्रवाई
गाजीपुर। बरसात के मौसम में संभावित विद्युत दुर्घटनाओं को रोकने और लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से शनिवार को जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में प्रेसवार्ता आयोजित की गई। जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की कि बारिश के दौरान बिजली के पोल, टूटे तार और ट्रांसफार्मर से सुरक्षित दूरी बनाए रखें तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें।
उन्होंने कहा कि आंधी-तूफान और बारिश के दौरान विद्युत लाइनों में फॉल्ट, तार टूटने तथा पोल में करंट उतरने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिससे जन-धन और पशुधन की हानि की आशंका रहती है। इन घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रशासन और विद्युत विभाग पूरी तरह सतर्क है।
24 घंटे सक्रिय रहेगा कंट्रोल रूम
जिलाधिकारी ने बताया कि विद्युत विभाग का 24×7 कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया गया है। यदि कहीं बिजली का तार टूट जाए, पोल में करंट उतर आए, स्पार्किंग हो या ट्रांसफार्मर में कोई खराबी दिखाई दे तो तत्काल 9453047253 पर सूचना दें। सूचना मिलते ही विभागीय टीम मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान करेगी।
उन्होंने लोगों से अपील की कि टूटे या लटकते बिजली के तारों को स्वयं छूने या ठीक करने का प्रयास न करें, क्योंकि यह जानलेवा साबित हो सकता है।
जलभराव वाले क्षेत्रों में बरतें विशेष सावधानी
डीएम ने कहा कि बारिश के दौरान पानी भरे स्थानों में लगे बिजली के पोल और ट्रांसफार्मरों के पास जाने से बचें। बरसात का पानी बिजली का अच्छा सुचालक होता है और करंट कई मीटर दूर तक फैल सकता है। बच्चों को भी बिजली के पोल के आसपास खेलने से रोकने की सलाह दी गई।
घर की वायरिंग की कराएं नियमित जांच
जिलाधिकारी ने लोगों से घरों की विद्युत वायरिंग, स्विच, प्लग, इन्वर्टर और सोलर पैनलों की समय-समय पर लाइसेंस प्राप्त इलेक्ट्रीशियन से जांच कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि गीले हाथों से बिजली के उपकरणों को न छुएं तथा घरों में एमसीबी और ईएलसीबी जैसे सुरक्षा उपकरण अवश्य लगवाएं।
विद्युत दुर्घटना में मिलेगी पांच लाख रुपये तक की सहायता
डीएम ने बताया कि यदि विद्युत विभाग की लापरवाही या उपकरणों की खराबी के कारण किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है, तो नियमानुसार उसके आश्रितों को पांच लाख रुपये तक की क्षतिपूर्ति दी जाती है। हालांकि, घर के अंदर घरेलू वायरिंग या व्यक्तिगत लापरवाही से होने वाली दुर्घटनाओं पर यह सहायता लागू नहीं होगी।
अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को फील्ड में नियमित निरीक्षण कर जर्जर तारों और झुके हुए पोलों को तत्काल बदलने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों से सिंचाई के दौरान बिजली की लाइनों और नलकूपों के पास विशेष सावधानी बरतने की अपील की। साथ ही चेतावनी दी कि उपभोक्ताओं की शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
प्रेसवार्ता में अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण विवेक खन्ना, जिला सूचना अधिकारी राकेश कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
