गोरखपुर
17.861 किलो गांजा के साथ दो महिलाएं गिरफ्तार, बेलीपार पुलिस और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई
पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज किया मुकदमा, तस्करी के नेटवर्क की जांच शुरू
गोरखपुर। जनपद में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत बेलीपार थाना पुलिस और स्वाट टीम को सफलता मिली है। संयुक्त टीम ने दो महिलाओं को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 17.861 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद करने का दावा किया है। बरामद गांजे को कब्जे में लेकर पुलिस ने दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार कार्रवाई पुलिस अधीक्षक दक्षिणी के मार्गदर्शन, क्षेत्राधिकारी बांसगांव के पर्यवेक्षण और थानाध्यक्ष राजकुमार बरवार के नेतृत्व में की गई। अवैध गांजे की तस्करी की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने निगरानी और घेराबंदी शुरू की।
उपनिरीक्षक हिमांशु तिवारी के नेतृत्व में बेलीपार पुलिस टीम ने कार्रवाई की। वहीं स्वाट प्रभारी उपनिरीक्षक पुरुषोत्तम आनंद सिंह के नेतृत्व में स्वाट टीम भी अभियान में शामिल रही। संयुक्त टीम ने संदिग्ध गतिविधियों की जांच के दौरान दोनों महिलाओं को हिरासत में लिया। तलाशी में उनके कब्जे से गांजा बरामद होने का पुलिस ने दावा किया।
दोनों महिलाओं की हुई पहचान
गिरफ्तार महिलाओं की पहचान रीना निषाद पत्नी जीवन भारती, निवासी अमरूद मंडी चकरा आवल, थाना राजघाट, गोरखपुर तथा फुलझड़ी देवी पत्नी जयराम निषाद, निवासी लक्ष्मणपुर, थाना चौरीचौरा, गोरखपुर, हाल पता अमरूद मंडी चकरा आवल, थाना राजघाट के रूप में हुई है।
8/20 एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा
पुलिस के मुताबिक दोनों के कब्जे से कुल 17.861 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। इस मामले में थाना बेलीपार में मुकदमा अपराध संख्या 212/2026 दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
तस्करी के नेटवर्क की पड़ताल
भारी मात्रा में गांजा बरामद होने के बाद पुलिस अब इसके स्रोत और संभावित आपूर्ति नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गांजा कहां से लाया गया था और इसे कहां खपाने की तैयारी थी। मामले की विवेचना के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। इसके लिए मुखबिर तंत्र को सक्रिय रखने के साथ संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी की जा रही है।
