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गोरखपुर

सीएम योगी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से की समीक्षा, बोले- जनसमस्याओं के समाधान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

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आईजीआरएस शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण, राजस्व विवादों के समाधान, जलभराव-बाढ़ से निपटने और जन्माष्टमी पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दिए सख्त निर्देश

गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी जनपदों के आला अधिकारियों के साथ बैठक कर जनसमस्याओं, आईजीआरएस शिकायतों, राजस्व मामलों, जलभराव, संभावित बाढ़, नेपाल से आने वाले पानी और आगामी जन्माष्टमी पर्व के साथ कानून-व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि शासन की प्राथमिकता वाले मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। आमजन की समस्याओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए।

गोरखपुर से वरिष्ठ अधिकारियों ने लिया हिस्सा

वीडियो कांफ्रेंसिंग में प्रदेश के सभी जनपदों के वरिष्ठ अधिकारी अपने-अपने जिलों से जुड़े रहे। गोरखपुर में मंडलायुक्त सभागार से मंडल और जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न बिंदुओं पर अधिकारियों से फीडबैक लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जनसुनवाई में शिकायतकर्ता को न लगाने पड़ें चक्कर

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री जनता दर्शन और जनसुनवाई से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर सरकारी कार्यालयों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचती है। ऐसे में शिकायतकर्ता को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

उन्होंने कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं होना चाहिए। मौके पर वास्तविक समाधान दिखाई देना चाहिए, ताकि आमजन को शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भरोसा बना रहे।

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आईजीआरएस शिकायतों की गुणवत्ता पर विशेष जोर

आईजीआरएस के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निस्तारण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने शिकायतकर्ता की संतुष्टि और समस्या के वास्तविक समाधान को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन स्तर से शिकायतों की लगातार निगरानी की जा रही है। शिकायतों को लंबित रखना या महज औपचारिकता पूरी करके उनका निस्तारण दिखाना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

राजस्व विवादों का समयबद्ध समाधान करें अधिकारी

राजस्व मामलों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि विवाद, पैमाइश, नामांतरण, वरासत और अन्य राजस्व प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण शासन की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल है। पुराने लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित कराने तथा राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।

पुलिस-राजस्व विभाग मिलकर सुलझाएं भूमि विवाद

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व और पुलिस विभाग आपसी समन्वय के साथ संवेदनशील भूमि विवादों का समाधान करें, ताकि छोटे विवाद बड़े कानून-व्यवस्था के मामलों में न बदलें। क्षेत्रीय अधिकारियों को नियमित भ्रमण कर जमीनी स्थिति की जानकारी लेने और आवश्यकता पड़ने पर मौके पर ही समस्या का समाधान कराने के निर्देश दिए गए।

जलभराव वाले क्षेत्रों में पहले से तैयारी के निर्देश

लगातार बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ने नगर निकायों और संबंधित विभागों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा। उन्होंने जलभराव वाले क्षेत्रों की पहले से पहचान कर प्रभावी जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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नालों और नालियों की सफाई, पंपिंग व्यवस्था, जल निकासी के संसाधन और संवेदनशील स्थानों पर त्वरित कार्रवाई के लिए टीमों को तैयार रखने को कहा गया।

जलभराव की शिकायत का इंतजार न करें अधिकारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश के दौरान किसी भी क्षेत्र में लंबे समय तक जलभराव की स्थिति नहीं रहनी चाहिए। नगर निकायों के अधिकारी लगातार अपने क्षेत्रों की निगरानी करें। जहां जल निकासी में बाधा है, वहां तत्काल कार्रवाई की जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिकारियों को जलभराव की शिकायत मिलने का इंतजार करने के बजाय संवेदनशील क्षेत्रों में पहले से व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी होंगी।

नेपाल से आने वाले पानी पर लगातार नजर रखने के निर्देश

संभावित बाढ़ की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री ने विशेष सतर्कता बरतने को कहा। नेपाल से आने वाले पानी के कारण नदियों के जलस्तर में संभावित वृद्धि को देखते हुए सीमावर्ती और नदी किनारे के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में राहत एवं बचाव से संबंधित सभी तैयारियां समय से पूरी रखने को कहा गया।

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राहत शिविर, नाव और दवाओं की व्यवस्था रहे तैयार

मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन, सिंचाई, राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य, पंचायती राज, नगर निकाय समेत सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश दिए।

बाढ़ चौकियों को सक्रिय रखने, राहत शिविरों की व्यवस्था, नाव और बचाव उपकरण उपलब्ध रखने के साथ आवश्यक खाद्य सामग्री और दवाओं का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने को कहा गया।

निचले इलाकों की आबादी को समय से सुरक्षित करें

मुख्यमंत्री ने नेपाल से आने वाले पानी की स्थिति पर लगातार नजर रखने और संबंधित अधिकारियों के बीच सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान सुनिश्चित करने को कहा। निचले इलाकों में रहने वाली आबादी को खतरे की स्थिति में समय से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्ययोजना तैयार रखने के निर्देश दिए गए। पशुओं के लिए भी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

बाढ़ के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी अलर्ट

स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया कि बाढ़ या जलभराव की स्थिति में संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए पर्याप्त दवाएं, चिकित्सकीय टीमें और अन्य संसाधन उपलब्ध रहें। पेयजल की शुद्धता, क्लोरीनेशन और साफ-सफाई की व्यवस्था पर भी विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।

जन्माष्टमी पर मंदिरों और बाजारों में रहेगी विशेष सुरक्षा

आगामी जन्माष्टमी पर्व को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने मंदिरों, धार्मिक स्थलों और प्रमुख बाजारों में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के निर्देश दिए। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर यातायात प्रबंधन और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया।

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अफवाह और सोशल मीडिया पर रहेगी नजर

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्व और त्योहार शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। किसी भी प्रकार की अफवाह या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश को गंभीरता से लिया जाए।

उन्होंने सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रखने और भ्रामक अथवा आपत्तिजनक सूचनाओं के प्रसार पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान

मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को अपराध नियंत्रण के साथ आमजन में सुरक्षा की भावना मजबूत करने को कहा। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने और असामाजिक तत्वों पर प्रभावी नजर रखने के निर्देश दिए गए।

महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया। बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

धार्मिक आयोजनों के लिए आयोजकों से समन्वय करें

जन्माष्टमी के दौरान निकलने वाले कार्यक्रमों, शोभायात्राओं और धार्मिक आयोजनों को लेकर आयोजकों के साथ समन्वय कर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था के मामले में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।

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योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को शासन की योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का लाभ पात्र लोगों तक समय से पहुंचाने के निर्देश दिए। विकास कार्यों की गुणवत्ता पर नजर रखने और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने को कहा गया।

उन्होंने अधिकारियों से फील्ड में सक्रिय रहने तथा कार्यालय में बैठकर केवल कागजी रिपोर्ट तैयार करने के बजाय मौके पर जाकर समस्याओं का समाधान करने की कार्यशैली अपनाने को कहा।

गोरखपुर के कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

वीडियो कांफ्रेंसिंग में गोरखपुर मंडलायुक्त सभागार से एडीजी जोन राम कुमार, डीआईजी रेंज एस. चन्नप्पा, मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह, एसएसपी डॉ. कौस्तुभ, सीडीओ शाश्वत त्रिपुरारी, नगर आयुक्त अजय जैन, जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कुणाल रस्तोगी, अपर आयुक्त प्रशासन जय प्रकाश, अपर आयुक्त न्यायिक राजेश श्रीवास्तव, अपर आयुक्त न्यायिक अजय राय, एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार, एडीएम प्रशासन डॉ. वैभव शर्मा, सीआरओ हिमांशु वर्मा, एडीएम वित्त जय प्रकाश, सिटी मजिस्ट्रेट उत्कर्ष श्रीवास्तव, डीएसओ अजय प्रताप सिंह, सीएमओ डॉ. राजेश झा, एसडीएम सदर ज्ञान प्रताप सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

विभागवार तैयारियों को मजबूत करने पर जोर

बैठक के दौरान जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण, राजस्व मामलों के समाधान, जलभराव एवं संभावित बाढ़ से बचाव तथा आगामी जन्माष्टमी पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए विभागवार तैयारियों को मजबूत करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के निर्देशों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही।

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