गोरखपुर
सीएचसी गोला में एंटीवेनम उपलब्ध
सर्पदंश पर झाड़-फूंक के बजाय तत्काल अस्पताल पहुंचें
अधीक्षक बोले- सोशल मीडिया पर एंटीवेनम न होने की खबरें भ्रामक, दस दिनों में पांच मरीजों का हुआ सफल उपचार
गोला बाजार। बरसात के मौसम में सर्पदंश की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोला के अधीक्षक डॉ. अमरेंद्र नाथ ठाकुर ने लोगों से सतर्क रहने और सर्पदंश की स्थिति में बिना देरी अस्पताल पहुंचने की अपील की है। उन्होंने बताया कि सीएचसी गोला में एंटीवेनम इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। सोशल मीडिया पर अस्पताल में एंटीवेनम नहीं होने की प्रसारित सूचनाओं को उन्होंने अफवाह और भ्रामक बताया।
अधीक्षक ने कहा कि सांप के काटने पर झाड़-फूंक या झोलाछाप के चक्कर में पड़ने के बजाय तत्काल 102 या 108 एंबुलेंस सेवा को सूचना देकर मरीज को अस्पताल पहुंचाना चाहिए। गंभीर स्थिति में प्राथमिक उपचार के बाद जरूरत पड़ने पर मरीज को जिला अस्पताल गोरखपुर अथवा मेडिकल कॉलेज रेफर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पिछले दस दिनों में करीब पांच सर्पदंश पीड़ित मरीज सीएचसी की इमरजेंसी में पहुंचे, जिनका उपचार किया गया और सभी स्वस्थ होकर घर लौटे।
उन्होंने कहा कि सर्पदंश के बाद काटे गए स्थान को काटना, चूसना, जलाना या कोई पदार्थ लगाना नुकसानदायक हो सकता है। हाथ-पैर को रस्सी या कपड़े से कसकर बांधने से भी बचना चाहिए। मरीज को शांत रखें, कम से कम चलाएं-फिराएं और उसे अकेला न छोड़ें।
डॉ. ठाकुर ने शाम और रात के समय झाड़ियों, ईंटों के ढेर, लकड़ी और कबाड़ के आसपास टॉर्च या पर्याप्त रोशनी के साथ जाने की सलाह दी। बारिश के मौसम में घरों में भी सांप घुसने की संभावना रहती है, इसलिए बिस्तर, कपड़े, जूते और अंधेरे स्थानों की जांच के बाद ही उपयोग करें।
स्थानीय विधायक राजेश त्रिपाठी ने भी लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। उन्होंने कहा कि गोला, बड़हलगंज समेत संबंधित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटीवेनम उपलब्ध है। सर्पदंश जैसी आपात स्थिति में समय बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए झाड़-फूंक के बजाय तत्काल चिकित्सकीय उपचार को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
