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गोरखपुर

शनि जयंती पर संपन्न हुआ दिव्य शनि महायज्ञ एवं अखंड हवन

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13 वर्षों बाद बना दुर्लभ महासंयोग

गोरखपुर। शनि जयंती के पावन अवसर पर इस वर्ष शनिवार और अमावस्या का अत्यंत दुर्लभ महासंयोग बनने से धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण विशेष रूप से भक्तिमय बना रहा। वैदिक ज्योतिष के अनुसार लगभग 13 वर्षों बाद बने इस शुभ योग को शनि साधना, ग्रह शांति, तांत्रिक अनुष्ठान एवं बाधा निवारण के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना जा रहा है। इसी दिव्य अवसर पर गोरखपुर के खोराबार स्थित पीताम्बरा पीठ में भव्य शनि महायज्ञ, अखंड हवन एवं विशेष वैदिक अनुष्ठानों का आयोजन श्रद्धा एवं वैदिक परंपरा के अनुसार संपन्न कराया गया।

दिव्य पीताम्बरा फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम का शुभारंभ 16 मई 2026, शनिवार को 24 घंटे के अखंड हवन के साथ हुआ। कार्यक्रम के दौरान शनिदेव की विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक, शनि मंत्र जाप, ग्रह बाधा निवारण अनुष्ठान, तांत्रिक साधना एवं वैदिक हवन विधिवत संपन्न कराए गए। संपूर्ण परिसर वैदिक मंत्रोच्चार, हवन की दिव्य सुगंध और भक्तों की श्रद्धा से आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत दिखाई दिया।

आयोजकों के अनुसार यह विशेष योग शनि दोष, साढ़ेसाती, ढैया, पितृ दोष, शत्रु बाधा, कोर्ट-कचहरी विवाद, व्यापारिक रुकावट, मानसिक तनाव एवं पारिवारिक समस्याओं के निवारण हेतु अत्यंत फलदायी माना जाता है। इस अवसर पर विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक रीति-रिवाजों के साथ विशेष शनि शांति अनुष्ठान संपन्न कराया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर शनिदेव से सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।

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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनिदेव को न्याय एवं कर्मफल का देवता माना जाता है। मान्यता है कि शनि जयंती पर विधिपूर्वक की गई पूजा, दान, मंत्र जाप एवं हवन से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं तथा व्यक्ति को कार्यों में सफलता, सम्मान और स्थिरता प्राप्त होती है। श्रद्धालुओं द्वारा इस अवसर पर काले तिल, उड़द दाल, सरसों का तेल, काले वस्त्र एवं लोहे का दान भी किया गया। साथ ही पीपल पूजन एवं शनि मंत्र जाप का विशेष महत्व बताया गया।

महायज्ञ की पूर्णाहुति शनिवार रात्रि 12:15 बजे वैदिक मंत्रोच्चार एवं जयघोष के बीच बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुई। पूर्णाहुति के पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालुओं एवं भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।

इस दिव्य आयोजन में क्षेत्र के अनेक समाजसेवी, धर्मप्रेमी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विशेष रूप से दिव्य पीताम्बरा फाउंडेशन के सदस्य प्रियंका सिंह, राहुल सिंह, प्रतीक दुबे, ओमप्रकाश तिवारी, दुर्गेश मिश्रा, चंद्रपाल सिंह, पंकज पांडे, कृष्ण सिंह, सुनिधि सिंह, आशु जायसवाल, दीपक मिश्रा, राजेश शुक्ला, प्रीति शुक्ला, रिता मिश्रा, सुमित मिश्रा एवं शाश्वत मिश्रा सहित अन्य श्रद्धालुओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई।

पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। भक्तों ने इसे केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, वैदिक परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का दिव्य संगम बताया।

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