वाराणसी
युवक की हत्या मामले में सिक्योरिटी एजेंसी संचालक समेत पांच गिरफ्तार
वाराणसी। नमो घाट पर सोनभद्र के पर्यटक राजेश जायसवाल उर्फ चिंटू की लाठी-डंडों और रॉड से पीटकर हत्या किए जाने के मामले में पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। आदमपुर थाना पुलिस ने इस मामले में चार आरोपी सिक्योरिटी गार्ड्स के साथ सुरक्षा कंपनी ‘बाबा विश्वनाथ ट्रेडर्स सिक्योरिटी’ के संचालक अनुज सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई तड़के सुबह नमो घाट खुलने से पहले पहुंचे पर्यटकों के साथ मामूली कहासुनी के बाद हुई खूनी मारपीट की घटना के बाद की गई। जांच में सामने आया कि कंपनी बिना किसी वेरिफिकेशन और कागजी प्रक्रिया के अनधिकृत गार्ड्स को नौकरी पर रख रही थी।
काशी में पर्यटकों के साथ दुर्व्यवहार की बढ़ती घटनाओं के बीच इस हत्याकांड ने सभी को झकझोर दिया है। आदमपुर पुलिस ने हमलावर गार्ड्स पवन यादव, सूरज यादव, मनीष यादव और राहुल यादव को गिरफ्तार किया था। ACP कोतवाली विजय प्रताप सिंह ने बताया कि जांच के दौरान नमो घाट की सुरक्षा व्यवस्था संभाल रही कंपनी के संचालक अनुज सिंह की गंभीर लापरवाही सामने आई है। अनुज सिंह ने अनअथराइज और अनऑफिसियल गार्ड्स को तैनात कर रखा था, जिनका न तो बैकग्राउंड चेक कराया गया था और न ही कोई फॉर्म भरवाया गया था।
सोनभद्र के खलियारी निवासी राजेश उर्फ चिंटू के साथ आए उनके दोस्त शिव जायसवाल, अक्षय गुप्ता, अंगद जायसवाल और रजनीश शाह भी इस हमले में गंभीर रूप से घायल हुए थे। हालांकि, वे किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से भागने में सफल रहे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि नमो घाट पर जहां पूरी वारदात हुई, वहां कोई भी CCTV कैमरा मौजूद नहीं था। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिससे मौत के सही कारणों की पूरी जानकारी मिल सके।
वाराणसी स्मार्ट सिटी के PRO शाकंभरी नंदन ने बताया कि नमो घाट के संचालन का जिम्मा दिल्ली की कंपनी ‘रॉबर्ट्स ग्रुप्स’ को सात वर्षों के लिए दिया गया है, जिसकी अवधि वर्ष 2027 में समाप्त होगी। इसी कंपनी ने आगे सुरक्षा व्यवस्था का काम निजी सिक्योरिटी एजेंसी को सौंपा था। इस जघन्य हत्याकांड के बाद स्मार्ट सिटी प्रशासन ने संचालन करने वाली मुख्य कंपनी को शो कॉज नोटिस जारी कर जवाब मांगा है, जिसकी समय सीमा आज तक निर्धारित की गई है।
