गोरखपुर
भैसा-महादेवा मार्ग पर संदिग्ध गतिविधियों की चर्चा, ग्रामीणों ने मांगी निष्पक्ष जांच
मकान और होटल की आड़ में कथित गतिविधियों का आरोप, बाहरी लोगों की आवाजाही को लेकर उठे सवाल
गोरखपुर। खजनी-बांसगांव थाना क्षेत्र के भैसा से महादेवा मार्ग के आसपास कथित संदिग्ध गतिविधियों को लेकर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में कुछ मकानों और एक होटल की आड़ में लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियां संचालित होने की चर्चा है। लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविकता सामने लाने की मांग की है।
मकान और होटल में संदिग्ध लोगों की आवाजाही का दावा
स्थानीय लोगों के अनुसार, भैसा-महादेवा मार्ग के आसपास स्थित एक मकान और होटल में लंबे समय से कुछ संदिग्ध लोगों का आना-जाना देखा जा रहा है। ग्रामीणों का दावा है कि बाहरी लोगों के साथ युवतियों की आवाजाही को लेकर भी क्षेत्र में चर्चाएं होती रही हैं। इन्हीं चर्चाओं के आधार पर कुछ लोगों ने वहां कथित अवैध गतिविधियां संचालित होने की आशंका जताई है।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी उठाए सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि यदि क्षेत्र में इस प्रकार की गतिविधियों को लेकर लगातार शिकायतें और चर्चाएं सामने आ रही हैं तो पुलिस एवं प्रशासन को मामले की गंभीरता से जांच करनी चाहिए। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि कथित गतिविधियों की जानकारी होने के बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दी है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी भी है।
मीडिया को कथित साक्ष्य देने की बात
कुछ स्थानीय लोगों ने मीडिया से संपर्क कर मामले से संबंधित पुराने और नए कथित साक्ष्य उपलब्ध कराने की बात कही है। उनका कहना है कि उपलब्ध सामग्री की जांच कराई जाए, ताकि आरोपों की वास्तविकता सामने आ सके और यदि कोई गैरकानूनी गतिविधि हो रही है तो उस पर कार्रवाई की जा सके।
जांच के बाद ही सामने आएगी वास्तविकता
हालांकि, होटल, मकान या किसी व्यक्ति के खिलाफ लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल इन आरोपों को प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस और प्रशासन की निष्पक्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
ग्रामीणों ने जांच और कार्रवाई की मांग की
ग्रामीणों ने प्रशासन से भैसा-महादेवा मार्ग के आसपास बताए जा रहे स्थानों की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच के दौरान किसी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधि सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।
फिलहाल मामला आरोपों और निष्पक्ष जांच की मांग तक सीमित है। पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
