वाराणसी
बीएचयू ट्रॉमा सेंटर से जुड़ा पारिवारिक विवाद पर मचा हड़कंप
उप कुलसचिव से जुड़े मामले में महिला के गंभीर आरोप, प्रशासन ने बताया पारिवारिक मामला
वाराणसी। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से जुड़ा एक पारिवारिक विवाद सोशल मीडिया पर वायरल पत्र के बाद चर्चा का विषय बन गया है। मामले ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है, हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे पारिवारिक मामला बताते हुए आपसी बातचीत से समाधान की बात कही है।
वायरल पत्र में लगाए गए गंभीर आरोप
महिला द्वारा लिखे गए कथित पत्र में दावा किया गया है कि वह बीएचयू के एक उप कुलसचिव की पत्नी हैं, जो पिछले 14 दिनों से बिना किसी बड़े विवाद के घर छोड़कर विश्वविद्यालय गेस्ट हाउस में रह रहे हैं।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि पति के इस व्यवहार से परिवार में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है और बच्चे अपने पिता के इंतजार में हैं।
ट्रॉमा सेंटर प्रशासन को भी किया गया संबोधित
महिला ने अपने पत्र में आईएमएस बीएचयू निदेशक एवं ट्रॉमा सेंटर प्रशासन को भी संबोधित करते हुए मामले में हस्तक्षेप और परामर्श की मांग की है।
आरोप है कि एक महिला नर्सिंग अधिकारी के कथित हस्तक्षेप के कारण पारिवारिक जीवन में गलतफहमियां और तनाव बढ़ा है।
स्वास्थ्य और पारिवारिक तनाव का उल्लेख
पत्र में महिला ने खुद को शहर में नया बताया है और कहा है कि वह स्थानीय भाषा एवं परिस्थितियों से पूरी तरह परिचित नहीं हैं। साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य समस्याओं का भी उल्लेख किया है तथा यह भी कहा है कि बच्चे इस पूरे घटनाक्रम से मानसिक रूप से प्रभावित हो रहे हैं।
प्रशासन से मध्यस्थता की मांग
महिला ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि मामले में मध्यस्थता कराकर उनके पति को परिवार के साथ रहने के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि स्थिति सामान्य हो सके।
बीएचयू प्रशासन का बयान
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए आईएमएस बीएचयू निदेशक प्रो. एस.एन. संखवार ने कहा कि यह एक पारिवारिक मामला है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों से बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
प्रशासन ने मामले को संवेदनशील बताते हुए कहा है कि इसे परामर्श और बातचीत के माध्यम से सुलझाने की कोशिश की जा रही है।
सोशल मीडिया पर चर्चा तेज
फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां वायरल पत्र को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
