Connect with us

वाराणसी

पूर्वांचल विकास बोर्ड की 12वीं बैठक सम्पन्न

Published

on

Loading...
Loading...

वाराणसी: बैठक की शुरुआत में मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा ने वाराणसी मंडल के विकास को लेकर किये जा रहे कार्यों को विस्तार से बोर्ड के समक्ष रखा तथा विशेष सचिव नियोजन पी सी श्रीवास्तव द्वारा बैठक में पधारे अतिथियों का स्वागत व अभिनंदन किया गया

गौरतलब है कि पूर्वांचल विकास बोर्ड का गठन 28 दिसंबर 2018 को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में परामर्श संस्था के रूप में किया गया था जिसमें 8 मंडलों को सम्मिलित किया गया है

बोर्ड के सदस्य के रूप में जय प्रकाश निषाद, विजय शंकर यादव, परदेशी रविदास, अरविंद सिंह पटेल, जितेन्द्र पांडेय, विजय विक्रम सिंह, राजकुमार शाही, ओमप्रकाश गोयल, डॉ के पी श्रीवास्तव व अशोक चौधरी ने भी पूर्वांचल के विकास से संबंधित विचार रखे

वाराणसी। पूर्वांचल विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष नरेंद्र सिंह की अध्यक्षता में सर्किट हाउस सभागार में पूर्वांचल विकास बोर्ड की बैठक आयोजित हुई जिसमें बैठक में विगत मार्च 2021 में उठाये गये महत्त्वपूर्ण सुझावों तथा विभागों द्वारा उपलब्ध करायी गयी परीक्षण आख्या पर चर्चा हुई।
   
मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा ने कार्यक्रम में बोलते हुए वाराणसी मंडल के विकास को पधारे अतिथियों का स्वागत करते हुए सभी का धन्यवाद दिया। उन्होंने वाराणसी मंडल में प्रधानमंत्री के प्रयासों से पिछले 9 वर्ष में रोड, एयरपोर्ट, जलमार्ग में हुए विकास कार्यों को बोर्ड के समक्ष गिनाते हुए रिंग रोड के फेज प्रथम, द्वितीय व तृतीय के तहत हुए कार्यों को भी बताया। उन्होंने बताया कि रिंग रोड के तहत गंगा नदी पर बन रहे पुल को भी जल्द पूरा करा लिया जायेगा। मंडलायुक्त ने बोर्ड के समक्ष बताया कि वर्तमान में शहर को जाम की समस्या से निजात दिलाने हेतु शहर की 6 बड़ी सड़कों के 4 लेन व 6 लेन चौड़ीकरण का कार्य प्रगति पर है जिसे जल्द पूरा करा लिया जायेगा। उन्होंने बताया कि शहर के विस्तार स्वरूप रामनगर नगर पालिका तथा सुजाबाद क्षेत्र को भी वाराणसी नगर निगम में सम्मिलित किया गया है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत सड़कों की मरम्मत का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने गाजीपुर से बलिया तक बनने वाली ग्रीन फील्ड रोड के बारे में बोर्ड के समक्ष बताया। प्रयागराज से राजातालाब तक 2200 करोड़ में बनी सड़क की जानकारी दी तथा बताया कि वाराणसी-औरंगाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग के तहत उत्तर प्रदेश में चल रहे कार्यों को भी अगले तीन से चार महीने में पूरा करा लिया जाएगा।
 
मंडलायुक्त ने रेलवे के क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में हुए विकास कार्यों तथा सुधारों को सामने रखा जिसमें मंडुआडीह स्टेशन का विकास, वर्तमान में कैंट स्टेशन पर हो रहे यार्ड रिमाडलिंग के कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी तथा बताया कि रेलवे द्वारा काशी स्टेशन के विकास को भी योजना तैयार की गयी है जिसमें आने वाली जमीन की अड़चनों को दूर करा लिया गया है तथा जल्द स्टेशन के विकास कार्य शुरू होंगे। मंडलायुक्त ने बताया कि मुगलसराय पुल के पैरेलल एक नये पुल का निर्माण रेलवे द्वारा करने कराने का प्रावधान किया जा रहा जिससे कि मालगाड़ियों की स्पीड को बढ़ाने में मदद मिलेगी।
 
मंडलायुक्त ने एयरपोर्ट विकास को लेकर शुरू परियोजनाओं के बारे में बोर्ड के समक्ष बताते हुए बताया कि प्रदेश सरकार ने एयरपोर्ट विकास को जमीन अधिग्रहण हेतु 1000 करोड़ रुपये उपलब्ध कराएं हैं जिससे लगभग 350 एकड़ जमीन का क्रय अगले दो महीने में करा लिया जायेगा। उन्होंने बताया कि एयर स्ट्रीट चौड़ीकरण तथा हवाई पट्टी विस्तारीकरण का कार्य कराया जाएगा जिससे की ऐरो ब्रिज व कार्गो विकास को बढ़ावा मिलेगा जिससे की सब्जियों, फलों का सीधे गल्फ देशों को निर्यात किया जा सकेगा तथा अंतरराष्ट्रीय जहाजों का सीधे आवागमन वाराणसी से सम्भव हो सकेगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान वर्ष में अभी तक 600 टन से ज्यादे लंगड़ा आम, सब्जियों का निर्यात किया जा चुका है जिसको और बढावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने करखियाव में पैक हॉउस का निर्माण कराया है जिसमें ग्रेडिंग, सार्टिंग का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने जलमार्ग परिवहन में हुए विकास कार्यों को भी बताते हुए वर्तमान में 3.8 किलोमीटर में बन रहे रोपवे परियोजना की भी जानकारी दी।
 
बैठक में सदस्यों द्वारा पूर्वांचल के विकास को अपनी बात रखी गयी जिसमें जय प्रकाश निषाद द्वारा नाव संचालक में नाविक समाज को हो रही समस्या, मत्स्य योजना के तहत मछुआरों को ट्रेनिंग देने तथा जरूरतमंद का श्रम कार्ड बनाने, विजय शंकर यादव द्वारा प्रधानमंत्री आवास की धनराशि में विसंगतियों को दूर करने, ओम प्रकाश गोयल द्वारा सोनभद्र में पर्यटन के दृष्टिगत विकास करने, डॉ के पी श्रीवास्तव द्वारा वाराणसी शहर को और सुन्दर करने, जगह-जगह जमा पानी से डेंगू, चिकनगुनिया जैसी पनप रही बीमारियों, अशोक चौधरी द्वारा समाज कल्याण के संचालित छात्रावासों की व्यवस्था सही करने, किसानों को खाद-बीज समय से उपलब्ध कराने, यूपीसीडा द्वारा आवासों के पेपर लाभार्थी को न देते हुए अपने पास रखने की बात कही, अरविंद सिंह पटेल द्वारा पर्याप्त संख्या में धान क्रय केंद्रों को खोलने को कहा गया ताकि किसानों को अनावश्यक रूप से दूर न जाना पड़े तथा विजय विक्रम सिंह द्वारा चंदौली में जिला मुख्यालय पर बस अड्डा न होने, प्रशासनिक भवनों की कमी तथा एग्रोटूरिज्म की बात उठाई गयी। सदस्यों के प्रश्नों के सापेक्ष संबंधित अधिकारियों ने बोर्ड के समक्ष संबंधित जानकारी दी।
 
जिलाधिकारी एस राजलिंगम ने धान क्रय केंद्र के बारे में बोर्ड के समक्ष जानकारी दी तथा बताया कि पिछले वर्ष लक्ष्य के सापेक्ष 45000 मेट्रिक टन खरीदारी की गयी थी तथा इस वर्ष 498 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि क्रय केंद्र की दूरी को लेकर किसी ने कोई शिकायत नहीं की है तथा खरीद की मोनिटरिंग एसडीएम स्तर के अधिकारियों द्वारा की जाती है।
 
उप निदेशक समाज कल्याण द्वारा बताया गया कि वाराणसी मंडल में समाज कल्याण के कुल 15 छात्रावास हैं जिनमे 12 छात्रावासों के मरम्मत हेतु शासन स्तर पर बजट उपलब्धता लंबित है। मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल द्वारा वाराणसी के 3 छात्रावासों की मरम्मत का कार्य विकास प्राधिकरण से उपलब्ध धन से कराया जा रहा है जिसको इस वर्ष पूरा करा लिया जायेगा। कृषि विभाग द्वारा बोर्ड के समक्ष विभाग में ऑर्गेनिक खेती को लेकर संचालित योजना की जानकारी बोर्ड के समक्ष रखी गयी।
 
उप निदेशक पर्यटन द्वारा पर्यटन विकास के तहत सोनभद्र में लंबित परियोजनाओं की जानकारी दी गयी जिसमें चुनार किला, ज्वाला मंदिर के लिए शासन पर लंबित प्रस्तावों की जानकारी दी गयी।
 
एडी स्वास्थ्य विभाग द्वारा बताया गया कि दवा की उपलब्धता सभी अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में है तथा डेंगू की जांच, मरीजों के इलाज व उनकी भर्ती में कहीं भी कोई दिक्कत नहीं है।
 
एडी बेसिक शिक्षा द्वारा प्राथमिक विद्यालयों में कायाकल्प योजना के तहत विद्यालयों में बेसिक शिक्षा को लेकर हो रहे सुधारों को बताया गया। एडी माध्यमिक शिक्षा द्वारा सदस्यों के प्रश्नों के जवाब में बताया गया कि चंदौली में 4 राजकीय इंटर कॉलेज में तथा 21एडेड माध्यमिक विद्यालयों में 14 में विज्ञान विषयों की पढ़ाई बच्चों को करायी जाती है। उपाध्यक्ष द्वारा एडी माध्यमिक से विद्यालयों के निरीक्षण के सापेक्ष पूछा गया जिसपर उन्होंने बताया कि वो लगातार विद्यालयों का दौरा कर रहे हैं। उच्च शिक्षा द्वारा बताया गया कि चंदौली जिले में 2021-22 में गवर्नमेंट कालेज सैयदराजा व धानापुर में उच्च स्तर पर विज्ञान की पढ़ाई होती है तथा वर्तमान सत्र से लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज में भी विज्ञान विषयों में पढ़ाई शुरू हो गयी है।

अंत में जिलाधिकारी द्वारा धन्यवाद ज्ञापित करते हुए बैठक समाप्ति की घोषणा की गयी।
 

Advertisement

Continue Reading
Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © 2024 Jaidesh News. Created By Hoodaa

You cannot copy content of this page