बलिया
महिला चिकित्सक के अभाव और जर्जर भवन से बदहाल नवानगर महिला अस्पताल
छह महीने से महिला डॉक्टर नहीं, इलाज के लिए भटक रही गर्भवती और महिला मरीज
सिकंदरपुर (बलिया)। क्षेत्र के नवानगर स्थित राजकीय महिला चिकित्सालय में पिछले छह महीनों से महिला चिकित्सक की तैनाती न होने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हैं। गर्भवती महिलाओं, किशोरियों और अन्य महिला मरीजों को उपचार के लिए जिला अस्पताल या सिकंदरपुर जाना पड़ रहा है, जिससे उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
जर्जर भवन में डर के साए में चल रही स्वास्थ्य सेवाएं
अस्पताल का भवन भी पूरी तरह जर्जर हो चुका है। दीवारों में दरारें पड़ गई हैं, जगह-जगह प्लास्टर झड़ रहा है और बरसात के दौरान छत से पानी टपकता है। टूटी खिड़कियों और खराब भवन के बीच कर्मचारी एवं मरीज भय के माहौल में अस्पताल की सेवाएं लेने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों ने जताया रोष, हादसे की आशंका
स्थानीय निवासी नाजिर रफत, मनीष राय, राजू गुप्ता और जयविन्द राजभर ने अस्पताल की बदहाल स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अधिकारियों की उपेक्षा के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने जिलाधिकारी और स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल भवन की मरम्मत कराने तथा महिला चिकित्सक की शीघ्र तैनाती की मांग की है।
सीएमओ स्तर से होगी चिकित्सक की तैनाती
इस संबंध में सिकंदरपुर के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दिग्विजय कुमार ने बताया कि यहां तैनात महिला चिकित्सक को जिला मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों की नई तैनाती का निर्णय मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) स्तर से किया जाता है।
