वाराणसी
अमिताभ ठाकुर मामले में कोर्ट ने चौक पुलिस से मांगी प्रगति रिपोर्ट
आख्या न आने पर अदालत सख्त, एक अगस्त तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश
वाराणसी। चौक थाने में दर्ज एक मामले की जांच की प्रगति रिपोर्ट (आख्या) प्रस्तुत न किए जाने पर विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने चौक पुलिस को मामले की प्रगति रिपोर्ट शीघ्र न्यायालय में प्रस्तुत करने का निर्देश देते हुए अगली सुनवाई के लिए 1 अगस्त की तिथि निर्धारित की है।
पूर्व आईपीएस एवं आजाद सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर की ओर से उनके अधिवक्ता अनुज यादव ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर कहा था कि दिसंबर 2025 में दर्ज मुकदमे में छह माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुलिस ने न तो जांच पूरी की है और न ही आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया है। उन्होंने मामले की अब तक की जांच संबंधी प्रगति रिपोर्ट तलब करने की मांग की थी।
अर्जी में यह भी कहा गया कि एफआईआर दर्ज होने के कुछ ही दिनों के भीतर न्यायिक हिरासत की मांग की गई थी, लेकिन उसके बाद भी लंबे समय तक जांच लंबित रखी गई। याचिका में सवाल उठाया गया कि पर्याप्त कारण बताए बिना जांच को इतने लंबे समय तक लंबित रखना न्यायोचित नहीं है।
सुनवाई के दौरान चौक पुलिस की ओर से आख्या प्रस्तुत नहीं किए जाने पर अदालत ने इसे गंभीरता से लेते हुए जल्द रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।
गौरतलब है कि यह मुकदमा बड़ी पियरी निवासी अम्बरीष सिंह भोला की तहरीर पर दिसंबर 2025 में चौक थाने में दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अमिताभ ठाकुर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने वाले कथित भ्रामक आरोप लगाए। इस मामले में पुलिस ने अमिताभ ठाकुर, उनकी पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर और एक अन्य के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था।
