बलिया
निजी क्लिनिक में प्रसव के बाद प्रसूता की मौत, अस्पताल सील
पति की तहरीर पर दाई और उसके पुत्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज
नवजात की हालत गंभीर, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस जांच में जुटी
गड़वार (बलिया)। स्थानीय थाना क्षेत्र के जोगीडीह-बुढ़ऊं (कुरेजी) गांव में मायके आई एक प्रसूता की निजी क्लिनिक में प्रसव के बाद मौत हो जाने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए कथित क्लिनिक को सील कर दिया है, जबकि पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, रसड़ा कोतवाली क्षेत्र के सरदासपुर गांव निवासी टुनटुन राजभर की पत्नी निर्मला अपने मायके जोगीडीह-बुढ़ऊं (कुरेजी) आई हुई थी। मंगलवार को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे नगर पंचायत रतसर स्थित एक निजी क्लिनिक में भर्ती कराए थे। यहां प्रसव के दौरान निर्मला ने एक बच्चे को जन्म दिया, लेकिन इसके बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई।
परिजन गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल ले गए, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं नवजात शिशु की हालत भी नाजुक बनी हुई है और उसका उपचार जारी है।
बिना बोर्ड और पंजीकरण के संचालित हो रहा था क्लिनिक
मामले की जानकारी मिलने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर एसीएमओ डॉ. योगेंद्र दास, एसीएमओ डॉ. पद्मावती, डिप्टी सीएमओ डॉ. अरविंद चौधरी तथा सीएचसी अधीक्षक डॉ. राकिफ अख्तर की टीम ने बुधवार को नगर पंचायत रतसर कला स्थित ग्रामीण बैंक के समीप एक कटरे में संचालित कथित क्लिनिक का निरीक्षण किया।
जांच में पाया गया कि क्लिनिक बिना किसी बोर्ड या होर्डिंग के संचालित किया जा रहा था। बताया गया कि इसे कृष्णा और उसकी मां चांदमुनि द्वारा चलाया जा रहा था। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर क्लिनिक को सील कर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
थाना प्रभारी हितेश कुमार ने बताया कि प्रसूता निर्मला की मौत के मामले में उसके पति टुनटुन राजभर की तहरीर पर कथित क्लिनिक संचालिका चांदमुनि और उसके पुत्र कृष्णा के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर आवश्यक विधिक कार्रवाई में जुटी हुई है।
घटना के बाद क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित निजी क्लिनिकों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे संस्थानों के विरुद्ध अभियान चलाने के संकेत दिए हैं।
