वाराणसी
नागपंचमी-श्रावण सोमवार के दुर्लभ संयोग पर बाबा विश्वनाथ का महा जलाभिषेक
वाराणसी। नागपंचमी और श्रावण सोमवार के दुर्लभ संयोग पर काशी में सोमवार को बाबा विश्वनाथ का विशेष जलाभिषेक किया गया। विश्वनाथ गली व्यवसायी संघ की ओर से आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में ज्ञान कूप (ज्ञानवापी कूप) के जल में नागकेसर और काशी के पंचतीर्थ का जल मिलाकर बाबा विश्वनाथ का अभिषेक किया गया। आयोजन में बड़ी संख्या में व्यापारी और महिला श्रद्धालु शामिल हुए।
हर वर्ष की परंपरा के अनुसार श्रावण मास के तीसरे सोमवार को विश्वनाथ गली व्यवसायी संघ के सदस्यों ने लोक कल्याण की कामना से जलाभिषेक किया। जलाभिषेक से पूर्व श्रद्धालु दशाश्वमेध स्थित चितरंजन पार्क में एकत्र हुए। सुबह करीब 10 बजे डमरू की गूंज और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के बीच श्रद्धालु जलपात्र लेकर विश्वनाथ मंदिर के लिए रवाना हुए।
जुलूस के दौरान काशी की गलियां हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठीं। श्रद्धालुओं का जत्था बाबा विश्वनाथ मंदिर पहुंचा, जहां विधि-विधान से विशेष जलाभिषेक किया गया।
आयोजन में अन्नपूर्णा मठ मंदिर के महंत शंकर पुरी जी महाराज ने अध्यक्षता की, जबकि शहर दक्षिणी के विधायक एवं पूर्व राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी मुख्य अतिथि रहे। आयोजकों ने बताया कि लोकमान्यताओं के अनुसार नागपंचमी के दिन नागकेसर मिश्रित जल से शिवलिंग का अभिषेक करने का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। वहीं ज्ञान कूप के जल को ज्ञान और आध्यात्मिक उन्नति से जोड़कर देखा जाता है।
कार्यक्रम में व्यवसायी संघ के अध्यक्ष पंडित रमेश तिवारी, महामंत्री पंडित कमल तिवारी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. पवन शुक्ला, भानू मिश्रा, राजू बाजोरिया, ऋषि झिंगरन, सिद्धार्थ भारद्वाज, प्रतीक देववंशी, अभिषेक केशरी, महेश और मनोज प्रजापति समेत बड़ी संख्या में व्यापारी एवं श्रद्धालु मौजूद रहे।
आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। धार्मिक आस्था और काशी की पारंपरिक संस्कृति से जुड़े इस आयोजन में बाबा विश्वनाथ से लोक कल्याण और सुख-समृद्धि की कामना की गई।
