गोरखपुर
गोरखपुर में फिर बढ़ा बाढ़ का खतरा, राप्ती नदी का जलस्तर चढ़ा
गोरखपुर। राप्ती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जबकि रोहिणी नदी का जलस्तर पिछले कुछ घंटों में घटा है। इससे लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन स्थिति अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं मानी जा रही है।
72.490 मीटर पहुंचा राप्ती का जलस्तर
राप्ती नदी का जलस्तर बढ़कर 72.490 मीटर तक पहुंच गया है। यह अभी खतरे के निशान 74.98 मीटर से करीब 2.49 मीटर नीचे है, लेकिन जिस तरह से पानी बढ़ रहा है, उससे साफ है कि आगे दबाव और बढ़ सकता है।
रोहिणी नदी का जलस्तर घटा
दूसरी ओर रोहिणी नदी का जलस्तर पिछले कुछ घंटों में नीचे आया है, जिससे थोड़ी राहत की स्थिति बनी है। हालांकि यह गिरावट स्थायी नहीं मानी जा रही, क्योंकि मौसम का रुख कभी भी बदल सकता है।
राप्ती बढ़ी, रोहिणी घटी; हालात पर नजर जरूरी
एक तरफ राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ रहा है और दूसरी तरफ रोहिणी नदी का जलस्तर घट रहा है। ऐसे में हालात को मिश्रित माना जा रहा है। अभी खतरा टला नहीं है, बल्कि हालात पर नजर बनाए रखना और भी जरूरी हो गया है।
बारिश और नेपाल से आने वाले पानी का असर जारी
जानकारों के मुताबिक, नेपाल क्षेत्र में बारिश और स्थानीय वर्षा का असर अभी भी बना हुआ है। इसी कारण नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। दोनों नदियों के जलस्तर पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है और निचले इलाकों के लोगों को सावधान रहने की सलाह दी गई है।
अगले 24 घंटे अहम, बारिश बढ़ी तो फिर बिगड़ सकते हैं हालात
मौसम को देखते हुए आने वाले 24 घंटे बहुत महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। अगर बारिश फिर बढ़ी, तो रोहिणी में दोबारा बढ़ाव आ सकता है और राप्ती का स्तर और ऊपर जा सकता है। फिलहाल रोहिणी नदी में गिरावट से थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन राप्ती नदी का लगातार बढ़ता जलस्तर साफ संकेत दे रहा है कि खतरा पूरी तरह टला नहीं है। इसलिए सतर्क रहना अभी भी बेहद जरूरी है।
