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असम में कहर
चार जिलों में हालात गंभीर, 441 गांव जलमग्न; 10,879 हेक्टेयर से ज्यादा फसल भूमि को नुकसान
गुवाहाटी। असम में बुधवार को भी बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य के गोलाघाट, जोरहाट, नागांव और शिवसागर जिलों में 1.12 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे नए इलाकों में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने कई जिलों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है।
गोलाघाट सबसे ज्यादा प्रभावित
एएसडीएमए के दैनिक बाढ़ बुलेटिन के अनुसार, गोलाघाट जिले में 65 हजार से अधिक लोग प्रभावित हैं। इसके बाद शिवसागर में करीब 20 हजार और नागांव में 16 हजार से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में हैं। गोलाघाट के नुमालीगढ़ में धनसिरी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। प्रशासन ने लोगों को नदी से दूर रहने की सलाह दी है।
441 गांव अब भी पानी में
राज्य में कम से कम 441 गांव जलमग्न हैं और 10,879.03 हेक्टेयर फसल भूमि क्षतिग्रस्त हुई है। बाढ़ से तटबंध, सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे भी प्रभावित हुए हैं। करीब 31,650 पशु और मुर्गी भी बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। प्रशासन पांच जिलों में 92 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र संचालित कर रहा है, जहां 30,205 लोगों को सहायता दी जा रही है।
इस साल 101 लोगों की मौत
एएसडीएमए के मुताबिक बुधवार को बाढ़ से किसी नई मौत की सूचना नहीं मिली। इस वर्ष बाढ़ में अब तक 101 लोगों की मौत हो चुकी है।
पुनर्वास के लिए चाहिए 1,000 करोड़
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित जिलों में संपत्तियों की मरम्मत और लोगों के पुनर्वास के लिए कम से कम 1,000 करोड़ रुपये की जरूरत होगी। उन्होंने बताया कि 9 अगस्त से राहत आकलन अभियान शुरू किया गया है। अब तक 8,000 से अधिक परिवारों का सर्वेक्षण किया जा चुका है और करीब 150 करोड़ रुपये के नुकसान का प्रारंभिक अनुमान है। सर्वेक्षण 30 अगस्त तक जारी रहेगा।
