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वाराणसी

अध्यक्ष राजस्व परिषद की अध्यक्षता में राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक हुई

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अंश निर्धारण, घरौनी, लंबित राजस्व वादों, वरासत, धारा-24 आदि की विधिवत समीक्षा की गयी

अंश निर्धारण को वर्तमान के 50-60 प्रतिशत से बढ़ाकर 80-85 प्रतिशत तक ले जाया जाए- अध्यक्ष राजस्व परिषद

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11000 से ज्यादे पेंडिंग राजस्व कार्यों पर अध्यक्ष ने नाराजगी जतायी गयी

     वाराणसी। अध्यक्ष राजस्व परिषद संजीव मित्तल की अध्यक्षता में सोमवार को वाराणसी मंडल के राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक हुई। जिसमें अध्यक्ष द्वारा अंश निर्धारण तथा वरासत की तहसीलवार समीक्षा की गयी। उन्होंने घरौनी में हुए कार्यों को लेकर प्रसन्नता जाहिर की गयी। अध्यक्ष द्वारा अंश निर्धारण को वर्तमान के 50-60 प्रतिशत से बढ़ाकर 80-85 प्रतिशत तक ले जाया जाए। उन्होंने सभी एसडीएम तथा तहसीलदार से संबंधित तहसील द्वारा किये गये अंश निर्धारण की बारीकी से जानकारी ली तथा उनसे अंश निर्धारण में आने वाली दिक्कतों व अंश निर्धारण को बढ़ाने में उनके सुझाव भी जाना। उन्होंने सभी को पूरे फोकस्ड होकर काम करने तथा मैनपावर, कंप्युटर सभी संसाधनों का पूरा प्रयोग करके काम में तेजी लाने को कहा। 
    उन्होंने कहा कि जहां भी विवाद न हो वहाँ  कार्यों में तेजी लाया जाये। घरौनी को लेकर उन्होंने अपर आयुक्त प्रशासन को निगरानी करने तथा सर्वे आफ इंडिया से बात करते हुए कार्यों में तेजी लाने को कहा। अध्यक्ष द्वारा 11000 से ज्यादे पेंडिंग राजस्व केसों पर असंतोष व्यक्त करते हुए संबंधित अपर आयुक्त प्रशासन को नियमित समीक्षा कर कार्यों में तेजी लाने को कहा गया। 

  कमिश्नर कौशल राज शर्मा ने बताया कि वाराणसी परिक्षेत्र में शहरीकरण के चलते कई गावों को शहरी सीमा में शामिल किया गया है। कुल 88 नये गावों को वाराणसी शहर में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि एक खाते में कई सब खातेदार होने से अंश निर्धारण में दिक्कतें आ रहीं हैं जिनको की लेखपाल लगाकर गांव वार अलग-अलग किया जा रहा है। जिलाधिकारी एस. राजलिंगम द्वारा अध्यक्ष के समक्ष बड़ागांव ब्लॉक में अंश निर्धारण में किये गये कार्यों का जिक्र करते हुए उसमें आने वाली रुकावटों को अध्यक्ष के समक्ष रखा गया। उन्होंने 1138 गांवों में खतौनी को लेकर हुए सर्वे के बारे में भी बताया गया तथा उनके डिजिटाईजेशन को बताते हुए उन्होंने 199 गावों में हुए सर्वे में आयी दिक्कतों को भी बताया गया।
  बैठक में जिलाधिकारी गाजीपुर आर्यका अखौरी, जिलाधिकारी जौनपुर अनुज कुमार झा तथा जिलाधिकारी चंदौली निखिल टी फुंडे द्वारा उनके जिले में राजस्व कार्यों, घरौनी तथा अंश निर्धारण में किये गये कार्यों की विधिवत जानकारी अध्यक्ष के समक्ष रखी गयी। अध्यक्ष द्वारा सभी को अंश निर्धारण, घरौनी की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा गया तथा एनआईसी के माध्यम से जानकारी हेतु वर्कशॉप आयोजित करने का निर्देश दिया।
  बैठक में धारा-24 की समीक्षा करते हुए कहा कि अगर एक गांव से 4, 5 केस हो तो उनको साथ में ही निपटाया जाये। वरासत में बनारस जिले में अट्ठारह हजार से ज्यादे आवेदन खारिज होने पर नाराजगी जताते हुए उनको दुरुस्त करने को कहा तथा जिलाधिकारी को इसे स्वतः देखने को कहा। उन्होंने आईजीआरएस के केसों में बढ़ोत्तरी को इसका प्रमुख कारण बताया। उन्होंने इनवेस्टर समिट से संबंधित मामलों को भी प्राथमिकता से निपटाने को कहा ताकि उद्योग लगाने में अनावश्यक देरी न होने पाये।
  बैठक में मंडल के चारों जिलों के जिलाधिकारियों समेत एडीएम प्रशासन, एसडीएम व तहसीलदार मौजूद रहे।

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