वाराणसी
अगले महीने शुरू होगी काशी की रोप-वे सेवा, कैंट से गोदौलिया का सफर होगा 15 मिनट में
गोदौलिया स्टेशन निर्माण अंतिम चरण में, देश की पहली शहरी सार्वजनिक रोप-वे परियोजना तैयार
वाराणसी। देश की पहली शहरी सार्वजनिक परिवहन रोप-वे परियोजना अगले महीने शुरू होने की उम्मीद है। परियोजना का पांचवां और अंतिम गोदौलिया स्टेशन निर्माण के अंतिम चरण में है। इसके शुरू होने के बाद कैंट से गोदौलिया तक का सफर मात्र 15 से 16 मिनट में पूरा किया जा सकेगा, जबकि सड़क मार्ग से यही दूरी तय करने में सामान्यतः 30 से 45 मिनट लगते हैं।
करीब 3.75 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (एनएचएलएमएल) की देखरेख में लगभग 817 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। परियोजना में अत्याधुनिक मोनो-केबल डिटेचेबल गोंडोला प्रणाली का उपयोग किया गया है। रोप-वे में कुल 148 केबिन होंगे और प्रत्येक केबिन में 10 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी।
रोप-वे मार्ग पर कैंट, विद्यापीठ, रथयात्रा, गिरिजाघर और गोदौलिया सहित पांच स्टेशन बनाए गए हैं। पूरी परियोजना में 29 टावर स्थापित किए गए हैं, जिनमें सबसे ऊंचा टावर 46.71 मीटर ऊंचा है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए हाई-विंड सेंसर, ऑटोमैटिक ब्रेकिंग सिस्टम, सीसीटीवी निगरानी, बैकअप पावर और इमरजेंसी रेस्क्यू जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
अधिकारियों के अनुसार अगस्त तक सभी निर्माण कार्य पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं। रोप-वे सेवा शुरू होने के बाद वाराणसी में ट्रैफिक जाम का दबाव कम होगा और रिंग रोड व प्रस्तावित गंगा-वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर के साथ मिलकर शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई गति मिलेगी। साथ ही यह परियोजना पर्यटन, व्यापार और शहरी आवागमन के क्षेत्र में काशी को एक नई पहचान देने का काम करेगी।
