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वाराणसी

शिवपुर के मिनी स्टेडियम में शौर्य कथा आज से – रणविजय सिंह

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वामपंथी इतिहासकारों ने देश की गौरवशाली परंपरा को छिपाया – राहुल सिंह

वाराणसी। भारत का गौरवशाली इतिहास और विश्वगुरु की पहचान इसकी वैदिक परंपरा, विज्ञान, आध्यात्मिकता और गुरुकुल शिक्षा पद्धति के कारण रही है। तक्षशिला और नालंदा जैसे विश्वविद्यालय इसका प्रमाण हैं, जहां दुनियाभर से लोग शिक्षा ग्रहण करने आते थे। लेकिन विदेशी आक्रांताओं ने बार-बार हमले कर इस परंपरा को क्षति पहुंचाने का प्रयास किया। इसके बावजूद भारत माता के वीर सपूतों ने अपने शौर्य और पराक्रम से उन्हें हर बार पराजित कर देश से बाहर का रास्ता दिखाया।

इसी गौरवशाली इतिहास और संस्कृति से नई पीढ़ी को परिचित कराने और राष्ट्रभक्ति का भाव जागृत करने के उद्देश्य से 11 और 12 जनवरी को शिवपुर के मिनी स्टेडियम में शौर्य कथा का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्घाटन वाराणसी के महापौर अशोक तिवारी करेंगे।

इस आयोजन में पूज्य कथावाचक आचार्य शांतनु जी महाराज का मार्गदर्शन मिलेगा। स्वामी संत अतुलानंद रचना परिषद के सचिव राहुल सिंह ने बताया कि वामपंथी इतिहासकारों ने भारत की समृद्ध परंपरा और शौर्य को दबाने का प्रयास किया है जिससे नई पीढ़ी अपने इतिहास और बलिदानियों से अनभिज्ञ रह गई।

शौर्य कथा के माध्यम से भारत माता के अमर पुत्रों के बलिदान और शौर्य को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। इस दौरान रणविजय सिंह, डॉ. संजय सिंह गौतम, अरुण कुमार सिंह, दृगबिंदु मणि सिंह और ठाकुर कुश प्रताप सिंह भी उपस्थित रहे।

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