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अपराध

डॉक्टर से ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार

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27.50 लाख साइबर ठगी का खुलासा

वाराणसी। ESIC हॉस्पिटल वाराणसी में कार्यरत डॉ. रीना रंजना के साथ हुई 27.50 लाख की साइबर ठगी का वाराणसी साइबर क्राइम पुलिस ने खुलासा किया है। इस मामले में शामिल इंटरस्टेट साइबर अपराधी, पटना निवासी राजकुमार, को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने डॉक्टर रंजना को इन्वेस्टमेंट में त्वरित लाभ देने का लालच देकर उनके खाते से ऑनलाइन 27.50 लाख रुपए ट्रांसफर करा लिए थे।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ पहले से ही पटना में एक मामला दर्ज है, जबकि दिल्ली और हरियाणा में भी उसके खिलाफ मामले दर्ज होने की सूचना मिली है।

मार्च में हुई थी ठगी

इस मामले की जांच अधिकारी निरीक्षक अनीता सिंह ने बताया कि 13 मार्च 2024 को साइबर थाने में डॉ. रीना रंजना ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, वेल्स इन्वेस्टमेंट नामक वेबसाइट पर उच्च रिटर्न का वादा कर उनसे 27.50 लाख की ठगी की गई। इस पर आईपीसी की धारा 420 और आईटी एक्ट की धारा 66 (डी) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी।

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डिजिटल फुटप्रिंट से आरोपी की पहचान

निरीक्षक अनीता सिंह ने बताया कि डिजिटल फुटप्रिंट की मदद से पुलिस को आरोपी की पहचान करने में सफलता मिली। आरोपी ने ठगी से कमाए गए धन को इंटरनेट बैंकिंग के जरिए USDT/क्रिप्टोकरेंसी में परिवर्तित कर सेटल किया था। जांच में पटना के नादघाट, गौरीचक निवासी राजकुमार का नाम सामने आया, जिसके बाद उसे पटना से गिरफ्तार किया गया।

आधार और मोबाइल नंबर में करवाता था लगातार बदलाव

पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी वेबसाइटों के जरिए इन्वेस्टमेंट पर उच्च लाभ का झांसा देकर लोगों को ठगता था। इसके अलावा, भोले-भाले लोगों को लोन का लालच देकर उनके बैंक खाते खुलवाकर, नेटबैंकिंग, एटीएम डिटेल्स और पिन प्राप्त कर लेता था। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी बार-बार आधार कार्ड में बदलाव करवाता और लगातार मोबाइल नंबर भी बदलता रहता था।

पुलिस अब आरोपी के अन्य साथियों का पता लगाने में जुटी है, ताकि इस साइबर ठगी के नेटवर्क का पूरी तरह से पर्दाफाश किया जा सके।

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