गोरखपुर
नामी कंपनी की बोरियों में पैक कर बेच रहे थे डैमेज सीमेंट
गुलरिहा के बोहा टोला में पुलिस की छापेमारी, गोदाम सील; एक हिरासत में, तीन मजदूर फरार
गोरखपुर। गुलरिहा थाना क्षेत्र की सरहरी चौकी अंतर्गत ठाकुरपुर नंबर दो के बोहा टोला में पुलिस ने डैमेज सीमेंट की रि-पैकिंग करने वाले गोदाम पर कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार यहां विभिन्न कंपनियों के खराब और डैमेज सीमेंट को ब्रांडेड कंपनी की खाली बोरियों में भरकर बेचने की तैयारी की जा रही थी। सूचना मिलने पर पुलिस ने गोदाम में छापा मारकर एक व्यक्ति को हिरासत में लिया और गोदाम को सील कर दिया।
पुलिस को देखकर तीन मजदूर भागे
पुलिस की कार्रवाई के दौरान रि-पैकिंग में लगे तीन मजदूर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मौके पर मौजूद एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। सीओ रवि सिंह के मुताबिक फरार मजदूरों की तलाश की जा रही है। मामले में बरामद सामग्री और गोदाम से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
कंपनी की टीम ने की जांच
कार्रवाई के दौरान अल्ट्राटेक सीमेंट के एरिया मैनेजर सुदीप कुमार और सेल्स-तकनीकी टीम भी मौके पर पहुंची। कंपनी की टीम ने जांच के बाद बताया कि गोदाम में मिला सीमेंट कंपनी का असली उत्पाद नहीं है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि डैमेज सीमेंट कहां से लाया जाता था और उसे ब्रांडेड बोरियों में भरकर कहां-कहां सप्लाई किया जाना था।
घटिया सीमेंट से भवन को खतरा
जानकारों के अनुसार घटिया या मानकों पर खरा नहीं उतरने वाला सीमेंट भवन की मजबूती को प्रभावित कर सकता है। इससे समय के साथ दीवार, छत, बीम और कॉलम में दरारें पड़ने का खतरा रहता है। कमजोर कंक्रीट से भवन में लगी सरिया पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है और जंग लगने की समस्या बढ़ सकती है। इसके अलावा बाद में मरम्मत पर अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ सकता है।
सीमेंट खरीदते समय बरतें सावधानी
पुलिस कार्रवाई के बाद लोगों से सीमेंट खरीदते समय सावधानी बरतने की अपील की गई है। ग्राहक केवल बोरी पर लिखे ब्रांड के नाम पर भरोसा न करें। बोरी की सील, निर्माण तिथि, बैच नंबर और पैकिंग की स्थिति जरूर जांचें। संदिग्ध स्थिति में अधिकृत विक्रेता से ही सीमेंट खरीदना और बिल लेना जरूरी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और फरार लोगों की तलाश जारी है।
