गाजीपुर
मिलावटी खान-पान से बिगड़ रहा स्वास्थ्य : सतीश राय
शुद्ध आहार के साथ स्पर्श-ध्यान को जीवनशैली में शामिल करने की अपील
गाजीपुर। आधुनिक जीवन की भागदौड़, तनाव और असंतुलित खान-पान के बीच स्वस्थ रहने के लिए प्राकृतिक जीवनशैली और ध्यान का महत्व बढ़ रहा है। इसी क्रम में एसकेआर योग एवं रेकी शोध प्रशिक्षण एवं प्राकृतिक संस्थान की ओर से गाजीपुर रेकी सेंटर में स्पर्श-ध्यान एवं आदि प्राण दाहिनी ऊर्जा शक्ति स्पर्श-ध्यान का विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण में स्पर्श चिकित्सा विशेषज्ञ सतीश राय ने प्रतिभागियों को स्पर्श-ध्यान के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि लोग स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हुए हैं, लेकिन बाजार में खाद्य पदार्थों में मिलावट की समस्या चिंता का विषय है। नकली दूध, सिंथेटिक घी, मिलावटी मसाले और रासायनिक तरीके से पकाए गए फलों के सेवन से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि महंगाई के दौर में लोग परिवार के लिए महंगे खाद्य पदार्थ खरीदते हैं, लेकिन गुणवत्ता सुनिश्चित नहीं होने पर अपेक्षित स्वास्थ्य लाभ नहीं मिल पाता। लोगों को शुद्ध एवं संतुलित आहार, मौसमी फलों और घर के बने भोजन को प्राथमिकता देनी चाहिए।
सतीश राय ने स्पष्ट किया कि स्पर्श चिकित्सा को चमत्कार या जादुई उपचार के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। इसे शरीर और मन को शिथिल करने तथा सकारात्मक सोच विकसित करने वाली पारंपरिक अभ्यास पद्धति के रूप में अपनाया जा सकता है। उन्होंने नियमित ध्यान, योग और स्वस्थ जीवनशैली को तनाव कम करने में सहायक बताया।
उन्होंने खाद्य पदार्थ खरीदते समय गुणवत्ता, पैकेजिंग और प्रमाणिकता की जांच करने तथा संतुलित जीवनशैली अपनाने की अपील की। कार्यक्रम में वरिष्ठ रेकी चैनल कृष्णा नंद तिवारी सहित संस्थान से जुड़े लोग और प्रशिक्षणार्थी मौजूद रहे।
