गाजीपुर
गौरी की पर्णकुटी में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया गुरु पूर्णिमा महोत्सव
महंत अरुणदास जी महाराज एवं भानु दास जी महाराज से श्रद्धालुओं ने लिया आशीर्वाद, ब्रह्मलीन अमंगल हारी दास जी महाराज को दी श्रद्धांजलि
खानपुर (गाजीपुर)। गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर गौरी स्थित पर्णकुटी आश्रम श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक आस्था का केंद्र बना रहा। क्षेत्र सहित दूर-दराज़ से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने गुरु पूजन कर अपने गुरुजनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
समाधि स्थल पर अर्पित की श्रद्धांजलि
सुबह से ही आश्रम परिसर में श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया। भक्तों ने सबसे पहले आश्रम स्थित मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि एवं मंगल की कामना की। इसके बाद पर्णकुटी के संस्थापक ब्रह्मलीन अमंगल हारी दास जी महाराज की समाधि पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और नमन किया।
गुरु परंपरा का बताया महत्व
श्रद्धालुओं ने महंत अरुणदास जी महाराज एवं भानु दास जी महाराज का पूजन-अर्चन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। अपने आशीर्वचन में दोनों संतों ने कहा कि गुरु ही जीवन से अज्ञान का अंधकार दूर कर ज्ञान, संस्कार और सत्य का प्रकाश फैलाते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से धर्म, सेवा, सदाचार, मानवता और सामाजिक समरसता के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
भजन-कीर्तन से भक्तिमय रहा वातावरण
पूरे दिन आश्रम में भजन-कीर्तन, गुरु वंदना और प्रसाद वितरण का क्रम चलता रहा। श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक प्रसाद ग्रहण किया और गुरुजनों का आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक संत-महात्मा, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान आश्रम परिसर भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान रहा।
