वाराणसी
बीएचयू अस्पताल की व्यवस्थाओं पर उठे सवाल, मरीजों ने सुविधाओं और व्यवहार को लेकर जताई नाराजगी
इलाज, दवा, सुरक्षा व्यवस्था और दलालों की सक्रियता को लेकर लगाए आरोप; प्रशासन से पारदर्शी व्यवस्था और जांच की मांग
मरीजों और तीमारदारों ने जताई नाराजगी
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के सर सुंदरलाल चिकित्सालय की व्यवस्थाओं को लेकर मरीजों और तीमारदारों के बीच असंतोष देखने को मिल रहा है। अस्पताल आने वाले कई लोगों ने इलाज की प्रक्रिया, सुरक्षा व्यवस्था, दवा उपलब्धता और मरीजों के साथ व्यवहार को लेकर गंभीर शिकायतें उठाई हैं। उनका कहना है कि दूर-दराज से आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
दलालों की सक्रियता और व्यवहार पर सवाल
कुछ तीमारदारों ने आरोप लगाया कि अस्पताल परिसर में कथित रूप से दलाल सक्रिय हैं, जो मरीजों को गुमराह करने का प्रयास करते हैं। वहीं, सुरक्षा कर्मियों और बाउंसरों के व्यवहार को लेकर भी लोगों ने नाराजगी जताई। उनका कहना है कि मरीजों और परिजनों के साथ संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
दवा व्यवस्था को लेकर भी शिकायतें
मरीजों के परिजनों का आरोप है कि कई मामलों में उन्हें बाहर से महंगी दवाएं खरीदने की सलाह दी जाती है। उन्होंने अस्पताल में जेनेरिक दवाओं की उपलब्धता बढ़ाने और सरकार की दवा संबंधी नीतियों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने की मांग की है।
प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
शिकायतकर्ताओं ने अस्पताल प्रशासन से आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने, कथित दलालों पर कार्रवाई करने, सुरक्षा व्यवस्था को अधिक मानवीय बनाने और मरीजों के लिए सुविधाएं बेहतर करने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे अस्पताल में आने वाले गरीब और दूर-दराज के मरीजों का भरोसा और मजबूत होगा।
