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दहेज में आर्टिका कार और पांच लाख की मांग, विवाहिता से मारपीट; पति समेत छह पर मुकदमा
दहेज की मांग पूरी न होने पर प्रताड़ना, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप
गोला पुलिस ने बीएनएस और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज कर शुरू की जांच
गोलाबाजार (गोरखपुर), 24 जुलाई। गोला उपनगर की एक विवाहिता ने अपने पति और ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों पर दहेज में आर्टिका कार और पांच लाख रुपये की मांग को लेकर प्रताड़ित करने, मारपीट करने तथा जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर पति समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता के अनुसार, उसका निकाह 21 अप्रैल 2025 को सिद्धार्थनगर जिले के बांसी थाना क्षेत्र के निराला नगर निवासी युवक से मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार हुआ था। विवाह में मायके पक्ष की ओर से छह लाख रुपये नकद, 100 ग्राम सोना, 300 ग्राम चांदी के आभूषण सहित अन्य घरेलू सामान दिया गया था।
आरोप है कि विवाह के कुछ समय बाद से ही पति, सास, ससुर, देवर और ननद दहेज में आर्टिका कार और पांच लाख रुपये की अतिरिक्त मांग करने लगे। मांग पूरी नहीं होने पर विवाहिता के साथ गाली-गलौज, मारपीट और मानसिक उत्पीड़न किया गया। तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया है कि पति ने बाल पकड़कर उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी।
पीड़िता का कहना है कि सूचना मिलने पर उसके मायके पक्ष के लोग ससुराल पहुंचे और समझौते का प्रयास किया, लेकिन इसके बावजूद ससुराल पक्ष की ओर से दहेज की मांग और प्रताड़ना जारी रही। आरोप है कि 4 सितंबर 2025 को उसे उसके भाई के साथ जबरन मायके भेज दिया गया। इसके बाद भी मोबाइल फोन और रिश्तेदारों के माध्यम से दहेज की मांग की जाती रही।
थाना प्रभारी सी.पी. पाण्डेय ने बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर पति समेत छह आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 85, 115(2), 352 एवं 351(3) तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 की धारा 3 और 4 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
