गाजीपुर
सीएचसी में एफसीएम थेरेपी से एनीमिया पर वार, 151 गर्भवती महिलाओं को मिला लाभ
गंभीर एनीमिया से बचाव के लिए शुरू हुई आधुनिक आयरन थेरेपी, मातृ मृत्यु दर घटाने की पहल
मुहम्मदाबाद (गाजीपुर)। मातृ मृत्यु दर में कमी लाने और गर्भवती महिलाओं को एनीमिया (खून की कमी) से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मुहम्मदाबाद में फेरिक कार्बोक्सीमाल्टोज (एफसीएम) इंजेक्शन थेरेपी की प्रभावी शुरुआत की गई है। इस आधुनिक उपचार पद्धति के तहत अब तक 151 गर्भवती महिलाओं को निशुल्क एफसीएम इंजेक्शन दिया जा चुका है, जिससे उनके हीमोग्लोबिन स्तर में सकारात्मक सुधार देखने को मिला है।

सीएचसी अधीक्षक डॉ. आशीष राय ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान एनीमिया एक गंभीर समस्या है। कई बार आयरन-फोलिक एसिड की गोलियों से अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता। ऐसे मामलों में एफसीएम इंजेक्शन शरीर में आयरन की कमी को तेजी से पूरा कर हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करता है। यह दवा नस (आईवी) के माध्यम से दी जाती है।
महिला एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरज कुमारी ने बताया कि यह उपचार विशेष रूप से उन गर्भवती महिलाओं के लिए लाभकारी है, जिनका हीमोग्लोबिन स्तर 7 से 9.9 ग्राम प्रति डेसीलीटर के बीच होता है। 15 से 20 मिनट की ड्रिप के माध्यम से दिया जाने वाला यह इंजेक्शन सीधे रक्तप्रवाह में आयरन पहुंचाकर तेजी से असर करता है।
सीएचसी में इसके लिए 10 बेड का विशेष वार्ड बनाया गया है। इंजेक्शन लगाने के बाद प्रत्येक महिला को 30 मिनट तक चिकित्सकीय निगरानी में रखा जाता है। अस्पताल में पर्याप्त दवाएं, इमरजेंसी किट और प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की भी व्यवस्था की गई है।
ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक संजीव कुमार ने बताया कि यह सेवा पूरी तरह निशुल्क है और प्रत्येक कार्यदिवस पर चिन्हित गर्भवती महिलाओं को चिकित्सकों की निगरानी में एफसीएम थेरेपी दी जा रही है। उपचार के बाद सीएचओ, एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से नियमित फॉलोअप भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक किसी भी महिला में इस उपचार का कोई गंभीर प्रतिकूल प्रभाव सामने नहीं आया है।
