वाराणसी
जानलेवा हमले के आरोपी हरिओम सिंह को कोर्ट से मिली जमानत
चारदीवारी निर्माण विवाद में घर में घुसकर हमले का आरोप, 50-50 हजार रुपये की दो जमानतों पर रिहाई का आदेश
अपर जिला जज (चतुर्थ) की अदालत ने सुनाया फैसला, बचाव पक्ष ने रखा तर्क
वाराणसी। चारदीवारी निर्माण को लेकर हुए विवाद में घर में घुसकर जानलेवा हमला करने के मामले में आरोपित हरिओम सिंह को अदालत से राहत मिल गई है। अपर जिला जज (चतुर्थ) सर्वजीत कुमार सिंह की अदालत ने ठठरा, मिर्जामुराद निवासी आरोपित को 50-50 हजार रुपये की दो जमानतें और बंधपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया है।
अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव और नरेश यादव ने आरोपित का पक्ष रखा।
जमीन की चारदीवारी को लेकर हुआ था विवाद
अभियोजन पक्ष के अनुसार ठठरा, मिर्जामुराद निवासी रीता सिंह ने मिर्जामुराद थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि बेटी की शादी के लिए आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से वह अपनी जमीन बेचना चाहती थीं। इसी क्रम में 7 जुलाई 2026 को वह अपनी जमीन पर चारदीवारी का निर्माण कराने पहुंची थीं।
आरोप है कि दोपहर करीब दो बजे पड़ोसी उमेश कुमार सिंह और उनके पुत्र शिवम सिंह व हरिओम सिंह लाठी-डंडे और असलहे के साथ वहां पहुंचे और मारपीट करने लगे। डरकर रीता सिंह घर में चली गईं, जिसके बाद आरोपितों पर घर में घुसकर तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया गया।
मारपीट में कई लोग हुए थे घायल
प्राथमिकी में आरोप लगाया गया कि बीच-बचाव करने पहुंचे देवर प्रदीप सिंह, उनके साले विनय कुमार और बेटे सत्यम सिंह के साथ भी मारपीट की गई। धारदार हथियार से हमले में दो लोगों के सिर में चोट लगने और खून बहने की बात कही गई थी। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया था।
मामले में पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर हरिओम सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। अब अदालत ने सुनवाई के बाद उसे जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।
