गाजीपुर
347 बालिकाओं को लगा एचपीवी टीका, सर्वाइकल कैंसर से बचाव की पहल तेज
स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से की अपील, 14 से 15 वर्ष तक की बालिकाओं का जरूर कराएं टीकाकरण
एचपीवी संक्रमण से बचाव के लिए चल रहा अभियान, वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित: स्वास्थ्य विभाग
मुहम्मदाबाद (गाजीपुर)। महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मुहम्मदाबाद क्षेत्र में अब तक 347 बालिकाओं को वैक्सीन लगाई जा चुकी है।
सीएचसी मुहम्मदाबाद में 14 वर्ष पूर्ण कर चुकी और 15 वर्ष से कम आयु की बालिकाओं का टीकाकरण लगातार किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यह टीकाकरण प्रत्येक कार्यदिवस (रविवार को छोड़कर) सीएचसी पर, रविवार को मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य मेले के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर, प्रत्येक माह के तृतीय शुक्रवार को उपकेंद्रों पर तथा बुधवार एवं शनिवार को भी किया जा रहा है।
ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक संजीव कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश में अब तक लगभग तीन लाख बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन की सिंगल डोज दी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि मुहम्मदाबाद क्षेत्र में 347 बालिकाओं का सफलतापूर्वक टीकाकरण किया गया है और अभी तक किसी भी बालिका में वैक्सीन के दुष्प्रभाव की शिकायत सामने नहीं आई है।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. आशीष राय ने बताया कि एचपीवी टीकाकरण का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर से सुरक्षित रखना है। उन्होंने बताया कि भारत में महिलाओं में होने वाले कैंसर में सर्वाइकल कैंसर प्रमुख रूप से शामिल है और इसके अधिकांश मामलों का कारण ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) संक्रमण होता है।
उन्होंने बताया कि ज्यादातर एचपीवी संक्रमण बिना किसी लक्षण के स्वतः समाप्त हो जाते हैं, लेकिन लंबे समय तक संक्रमण बने रहने पर यह सर्वाइकल कैंसर का कारण बन सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह वैक्सीन मासिक धर्म के दौरान भी लगाई जा सकती है और इससे प्रजनन क्षमता पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है।
स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि 14 वर्ष पूर्ण कर चुकी और 15 वर्ष से कम आयु की सभी बालिकाओं का समय पर एचपीवी टीकाकरण अवश्य कराएं। इसके लिए नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, एएनएम या आशा कार्यकर्ता से संपर्क किया जा सकता है।
