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वाराणसी

‘अदबी गौहर’ का हुआ लोकार्पण, संपादक नसीम साज़ को मिला ‘मीर तकी मीर सम्मान’

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काशी काव्य संगम के तत्वावधान में आयोजित समारोह में साहित्यकारों ने ग़ज़ल संग्रह को बताया हिंदी-उर्दू का खूबसूरत संगम

लोकार्पण के बाद कवि सम्मेलन में कवियों और शायरों ने बांधा समा

वाराणसी। काशी काव्य संगम के तत्वावधान में पूर्व संध्या पुस्तकालय, बरेका संस्थान सभागार में आयोजित साहित्यिक समारोह में ग़ज़ल संग्रह ‘गुलदस्ता-ए-ग़ज़ल : अदबी गौहर’ का भव्य लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर पुस्तक के संपादक नसीम साज़ को ग़ज़ल, साहित्य, समाज सेवा एवं जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘मीर तकी मीर सम्मान’ से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार हीरालाल मिश्र ‘मधुकर’ ने की, जबकि संचालन नसीम साज़ एवं डॉ. प्रताप शंकर दुबे ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम का शुभारंभ आनंद कृष्ण ‘मासूम’ द्वारा सरस्वती वंदना तथा रीना तिवारी द्वारा नात-ए-शरीफ की प्रस्तुति से हुआ।

मुख्य अतिथि अलहाज हाफिज जमाल नोमानी तथा विशिष्ट अतिथि अत्रि भारद्वाज, कुंवर सिंह ‘कुंवर’ एवं अहमद आज़मी ने पुस्तक का लोकार्पण किया। इस दौरान नारायण प्रकाशन की ओर से नसीम साज़ को ‘मीर तकी मीर सम्मान’ प्रदान किया गया।

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अपने संबोधन में अलहाज हाफिज जमाल नोमानी ने कहा कि ‘अदबी गौहर’ ग़ज़लों का ऐसा संग्रह है, जिसमें हिंदी और उर्दू दोनों भाषाओं की सहज अभिव्यक्ति दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि पुस्तक में शामिल रचनाएं सरल भाषा में हैं और आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सकता है। उन्होंने संपादक नसीम साज़ को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने बिखरे हुए साहित्यिक मोतियों को एक सूत्र में पिरोकर एक महत्वपूर्ण साहित्यिक दस्तावेज तैयार किया है।

अध्यक्ष हीरालाल मिश्र ‘मधुकर’ ने कहा कि ‘अदबी गौहर’ हिंदी और उर्दू साहित्य का सुंदर संगम है। इसमें समाज के विविध विषयों और मानवीय संवेदनाओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है। यह पुस्तक साहित्य जगत में अपनी अलग पहचान बनाएगी।

संपादक नसीम साज़ ने कहा कि ‘अदबी गौहर’ उनके साहित्यिक जीवन की सबसे मूल्यवान उपलब्धियों में से एक है। उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा थी कि विभिन्न रचनाकारों की उत्कृष्ट ग़ज़लों को एक मंच पर लाकर पाठकों तक पहुंचाया जाए। इस कार्य में सहयोग देने वाले सभी साहित्यकारों और विशेष रूप से डॉ. नसीमा निशा के प्रति उन्होंने आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम के दूसरे सत्र में आयोजित कवि सम्मेलन एवं मुशायरे में सोज़ ज़मानवी, इकबाल ज़मानवी, डॉ. प्रताप शंकर दुबे, डॉ. महेंद्र तिवारी ‘अलंकार’, डॉ. नसीमा निशा, डॉ. करुणा सिंह, अख़लाक़ खान ‘भारती’, आलोक सिंह ‘बेताब’, मधुलिका राय, विदुषी साहाना, अबू शर्मा मुगलसरावी, रीना तिवारी, रामजतन पाल, टीकाराम आचार्य, निजाम बनारसी, अजफर बनारसी, शमीम गाज़ीपुरी, अनु मिश्रा और बीना राय सहित अनेक कवियों और शायरों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं का भरपूर मनोरंजन किया।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. प्रताप शंकर दुबे एवं डॉ. महेंद्र तिवारी ‘अलंकार’ ने सभी अतिथियों, साहित्यकारों एवं उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त किया। समारोह में बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

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