मिर्ज़ापुर
विश्व जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा के तहत आशा-एएनएम को किया गया जागरूक
‘डायरिया से डर नहीं’ अभियान के साथ परिवार नियोजन और मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर दिया गया प्रशिक्षण
स्वास्थ्य विभाग, पीएसआई-इंडिया और केनव्यू के सहयोग से तरकापुर स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित हुआ कार्यक्रम
मिर्जापुर। नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तरकापुर में विश्व जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा के तहत स्वास्थ्य विभाग, पॉपुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल (पीएसआई-इंडिया) एवं केनव्यू के सहयोग से जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आशा और एएनएम कार्यकर्ताओं को परिवार नियोजन, मातृ-शिशु स्वास्थ्य तथा डायरिया की रोकथाम एवं उपचार संबंधी जानकारी दी गई।
अर्बन हेल्थ कोऑर्डिनेटर पंकज कुमार ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या का सीधा प्रभाव पर्यावरण, संसाधनों, विकास और स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ता है। उन्होंने बताया कि पखवाड़े के दौरान परिवार नियोजन के स्थायी एवं अस्थायी साधनों, नसबंदी सेवाओं तथा मातृ-शिशु सुरक्षा से जुड़ी सुविधाएं सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने योग्य दंपत्तियों को पहला बच्चा विवाह के दो वर्ष बाद तथा दो बच्चों के बीच कम से कम तीन वर्ष का अंतर रखने की सलाह देने पर भी जोर दिया।
पीएसआई-इंडिया के कार्यक्रम प्रबंधक विष्णु प्रकाश मिश्रा ने बताया कि शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों की मृत्यु के प्रमुख कारणों में डायरिया भी शामिल है। जुलाई माह में चल रहे ‘डायरिया से डर नहीं’ अभियान के माध्यम से समुदाय को स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, हाथ धोने की सही आदत, पौष्टिक भोजन तथा डायरिया के लक्षणों और बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय प्रताप सिंह ने प्रशिक्षण के दौरान डायरिया की रोकथाम, शीघ्र पहचान और प्रभावी उपचार पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने ओआरएस, जिंक सप्लीमेंट, टीकाकरण तथा गंभीर मामलों को समय पर उच्च स्वास्थ्य केंद्रों पर रेफर करने के महत्व पर बल दिया। साथ ही कुपोषित बच्चों की नियमित निगरानी और समय पर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
कार्यक्रम में एफपीसी अर्चना मिश्रा, संतोष कुमार पांडेय, बिंदिया कुशवाहा, फार्मासिस्ट विंध्यवासिनी सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, एएनएम एवं आशा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
