गोरखपुर
फर्जी दस्तावेजों से औद्योगिक प्लॉट बेच 28.50 लाख की ठगी, तीन पर मुकदमा
गीडा सेक्टर-15 का प्लॉट बताकर कराया सौदा, जांच में आवंटन पहले से निरस्त निकला
रुपये लौटाने की मांग पर जान से मारने की धमकी का आरोप, सहजनवा पुलिस ने शुरू की जांच
गोरखपुर। सहजनवा थाना क्षेत्र में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) का प्लॉट बेचकर 28.50 लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचना, आपराधिक विश्वासघात और धमकी सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, सिकरीगंज थाना क्षेत्र के बौरडीह निवासी सत्येंद्र मिश्र ने शिकायत में बताया कि वर्ष 2024 में उनकी मुलाकात जमीन कारोबारी अशोक कुमार नायक से हुई। अशोक ने उनकी मुलाकात बलबीर यादव से कराई और बताया कि गीडा के सेक्टर-15 स्थित 714 वर्गमीटर का प्लॉट बलबीर यादव की पत्नी चंद्रकला यादव के नाम आवंटित है, जिसे वे बेचना चाहते हैं। आरोपियों ने सभी दस्तावेज वैध बताते हुए 57.50 लाख रुपये में सौदा तय कराया।
शिकायत के मुताबिक, आरोपियों के कहने पर पीड़ित ने अलग-अलग तिथियों में बैंक चेक और आरटीजीएस के माध्यम से 25 लाख रुपये का भुगतान किया। इसके अलावा प्लॉट पर मिट्टी भराई एवं समतलीकरण के नाम पर करीब 3.50 लाख रुपये भी खर्च करा दिए गए। इस प्रकार कुल 28.50 लाख रुपये आरोपियों को दिए गए।
पीड़ित का आरोप है कि जब उसने प्लॉट की रजिस्ट्री कराने की बात कही तो आरोपी लगातार टालमटोल करते रहे। संदेह होने पर गीडा कार्यालय में जानकारी लेने पर पता चला कि संबंधित प्लॉट का आवंटन पहले ही निरस्त किया जा चुका है। इसके बावजूद आरोपियों ने कथित रूप से फर्जी दस्तावेज और कूटरचित इकरारनामा तैयार कर उसे गुमराह किया।
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि रुपये वापस मांगने या रजिस्ट्री कराने का दबाव बनाने पर आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उसने सहजनवा थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।
सहजनवा पुलिस ने अशोक कुमार नायक, बलबीर यादव और चंद्रकला यादव के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच की जा रही है तथा जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
