गोरखपुर
निर्यात से देश की अर्थव्यवस्था को मिल रही नई रफ्तार, गोरखपुर सम्मेलन में जुटे 60 से अधिक उद्यमी
विशेषज्ञों ने निर्यात बढ़ाने पर दिया जोर, सरकारी योजनाओं और वैश्विक बाजार की संभावनाओं पर हुई चर्चा
गोरखपुर। वैश्विक बाजार में भारत की बढ़ती हिस्सेदारी और निर्यात विस्तार को लेकर गोरखपुर में आयोजित सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि निर्यात देश की आर्थिक मजबूती का प्रमुख आधार है। उन्होंने कहा कि भारत का निर्यात लगातार बढ़ रहा है और इसमें उत्तर प्रदेश की भागीदारी भी तेजी से बढ़ी है, जिससे विदेशी मुद्रा अर्जन, रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को नई गति मिल रही है।
सम्मेलन में बताया गया कि प्रदेश सरकार निर्यात को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है, जिनके माध्यम से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचने का अवसर मिल रहा है। वक्ताओं ने कहा कि गोरखपुर जैसे उभरते औद्योगिक क्षेत्र में ऐसे आयोजन स्थानीय उद्यमियों को वैश्विक व्यापार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
कार्यक्रम में जिले के 60 से अधिक उद्यमियों और निर्यातकों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने निर्यात प्रक्रियाओं, सरकारी योजनाओं और अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग से जुड़ी जानकारी प्राप्त की तथा भविष्य में भी इस प्रकार के सम्मेलन नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अंत में एफआईईओ के सहायक निदेशक आलोक श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों, अधिकारियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से गोरखपुर क्षेत्र के निर्यात को नई दिशा और गति मिलेगी।
इस अवसर पर एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार, विदेश व्यापार के सहायक महानिदेशक राजन जोशी, उपायुक्त उद्योग उज्ज्वल सिंह, सहायक निदेशक नीरज कुमार, ईसीजीसी लिमिटेड के बीएम मुरलीधर महतो, पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र अग्रवाल, अध्यक्ष आर.एन. सिंह, चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के उपाध्यक्ष प्रवीण मोदी सहित बड़ी संख्या में उद्यमी, निर्यातक, ट्रेड एसोसिएशन के प्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
सम्मेलन का उद्देश्य स्थानीय उद्योगों को निर्यात के प्रति प्रोत्साहित करना, उन्हें आवश्यक तकनीकी एवं नीतिगत जानकारी उपलब्ध कराना तथा गोरखपुर को निर्यात के क्षेत्र में एक सशक्त पहचान दिलाना रहा।
