जौनपुर
सरकारी इंतजार छोड़ ग्रामीण खुद बना रहे पुल, विकास व्यवस्था पर उठे सवाल
सीरिया गांव में ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर शुरू किया लोहे के पुल का निर्माण
मड़ियाहूं (जौनपुर)। विकास के दावों के बीच मड़ियाहूं तहसील के सीरिया गांव से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सरकारी व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वर्षों तक मांग के बावजूद पुल निर्माण न होने पर ग्रामीणों ने अब खुद ही चंदा जुटाकर बसुही नदी पर लोहे का पुल बनाना शुरू कर दिया है।
पुराना पुल जर्जर, आवागमन हुआ जोखिम भरा
ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2002 में आपसी सहयोग से बना लोहे का पुल समय के साथ जर्जर हो गया और 2018 तक उसकी हालत इतनी खराब हो गई कि उस पर चलना खतरे से खाली नहीं रहा। कई लोग हादसों का शिकार भी हो चुके हैं।
जनप्रतिनिधियों पर लापरवाही का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से नए पुल की मांग की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने सांसद प्रिया सरोज और विधायक आर.के. पटेल सहित संबंधित अधिकारियों से कई बार गुहार लगाई, लेकिन समस्या जस की तस बनी रही।
7.80 लाख रुपये जुटाकर खुद कर रहे निर्माण
सरकारी मदद न मिलने पर ग्रामीणों ने सामूहिक निर्णय लेते हुए करीब 7.80 लाख रुपये चंदा जुटाया और 32 फीट लंबे लोहे के पुल का निर्माण शुरू कर दिया है। खास बात यह है कि इसमें कोई ठेकेदार नहीं लगाया गया है। गांव के युवक स्वयं वेल्डिंग और पेंटिंग का कार्य कर रहे हैं।
चुनाव बहिष्कार की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी उपेक्षा जारी रही तो वे 2027 के विधानसभा चुनाव में किसी भी दल का समर्थन नहीं करेंगे और चुनाव बहिष्कार पर भी विचार कर सकते हैं।
स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय
यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और ग्रामीणों की यह पहल एक ओर उनकी मजबूरी दिखाती है, तो दूसरी ओर व्यवस्था पर गंभीर सवाल भी खड़े करती है।
