गाजीपुर
सरकारी भूमि विवाद ने पकड़ा तूल, लेखपाल पर मिलीभगत और फर्जी कार्रवाई के गंभीर आरोप
चौकिया गांव की आराजी संख्या 392 को लेकर शिकायत, जिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच और स्टेटस क्वो की मांग
गाजीपुर। सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम चौकिया स्थित आराजी संख्या 392 से जुड़ा भूमि विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। ग्राम निवासी वारिस अली ने जिलाधिकारी को प्रार्थना-पत्र देकर संबंधित लेखपाल सहित कुछ लोगों पर मिलीभगत, अनियमित पैमाइश और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कब्जा परिवर्तन कराने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
शिकायतकर्ता का कहना है कि वह विवादित भूमि का लगभग आधा हिस्सेदार है और पिछले करीब 50 वर्षों से उस पर उसका कब्जा है। उनका आरोप है कि भूमि पर स्थापित पंपिंग सेट के बावजूद विपक्षी पक्ष ने कथित रूप से कूटरचित दस्तावेजों के जरिए रजिस्ट्री कराई और प्रशासनिक स्तर पर मिलीभगत से कब्जा परिवर्तन का प्रयास किया गया।
प्रार्थना-पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि पैमाइश प्रक्रिया के दौरान निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया गया, न तो पूर्व सूचना दी गई और न ही पारदर्शिता बरती गई। आरोप है कि नक्शे में हेरफेर कर रंग भरकर बदलाव किए गए तथा अभिलेखों में छेड़छाड़ कर कब्जा परिवर्तन की कोशिश हुई।
शिकायत में शबनम खातून, परवेज अंसारी, शाहिद अली सहित अन्य व्यक्तियों के नाम भी शामिल किए गए हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि वर्ष 2023 से भूमि विवाद न्यायालय में विचाराधीन होने के बावजूद मौके पर दबाव बनाकर कब्जा बदलने का प्रयास किया जा रहा है।
शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से मांग की है कि विवादित भूमि पर यथास्थिति (स्टेटस क्वो) बनाए रखी जाए, कथित गलत नामांतरण और आदेशों को निरस्त किया जाए तथा मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों एवं संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। जांच के बाद ही पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
